तेर्री मुराद थी कि मेरा दम तेरी बाँहों में निकले
कितना इंतजार किया ऑंखें बंद होने से पहले
कुछ लम्हे इंतजार में कुछ ये आहों में निकले
नहले पे दहले जनाब मेरी निगाहों में निकले
कितना इंतजार किया ऑंखें बंद होने से पहले
कुछ लम्हे इंतजार में कुछ ये आहों में निकले
नहले पे दहले जनाब मेरी निगाहों में निकले