1
रमलू नै अपने बाबू तैं बुझ्या-"मनै यो गणित का सवाल समझादयो। सवाल सै-- वा बड़ी संख्या बताओ, जिसका भाग सभी संख्याओं तैं होज्यावै।"बाबू बोल्या," हे भगवान ! के वे इब ताहिं या संख्या कोण्या ढूंढ पाए? जब मैं पढ़या करता तब तैं ए इस संख्या नै ढूंढण लाग रे सैं ।
2
रमलू नै अपने शिक्षक तैं कहया,"सर, मनै लिखना आग्या।"
शिक्षक बोले," ठीक है लिखकर दिखाओ।"
रमलू नै कुछ लिख्या। शिक्षक ने कहा," ठीक है, अब पढ़ कर सुनाओ।"
रमलू बोल्या,"सर, मनै इब्बै बस लिखना सिख्या सै , पढ़ना नहीं ।"
3
फुटबाल का मैच देख रहे एक मंत्री नै रेफरी कैड़ इशारा करतें होयें खेल अधिकारी तैं कहया ," यूं कौन बदमाश सै ? खेल के मैदान मैं सीटी मारदा मैदान मैं आ टपकै सै । इसनै हटाओ ताकि खेल ठीक ढंग तैं खेल्या जा सकै ।
4
एक किशोरी नै अपनी सहेली ताहीं कहया ,
" मेरी माँ अर विद्या बाल्यान मैं एक समानता सै |"
"कौनसी ?" सहेली नै बूझ्या |
" दोनूं एकै ए कंपनी के साबुन तैं नहावैं सैं |"
5
रमलू अपनी घर आली तैं बोल्या -- री भगवान !
तूं जो अख़बार पढ़न लागरी सै वो उल्टा सै |
घराली सैड दे सी बोली ," तो के हुया ? मैं इसनै
पढूं थोड़े ए सूँ , मैं तो फोटो देखूं सूँ |
6
फेरों के समय पंडित ने दूल्हे से कहा,,,,बेटा इस फेरे मे दुल्हन आगे चलेगी तू इसके पीछे चलेगा
दुल्हन आगे चली,,,,मगर चलते चलते दूल्हा आगे निकल गया
पंडित ने दुबारा से दुल्हन को आगे किया,,,, मगर दूल्हा फिर आगे निकल गया,,,,
तीन चार बार ऐसे हुआ|
पंडित गुस्से से दूल्हे के बाप से बोला,,,,,ये पागल है,,,या इसका दिमाग खराब है|
दूल्हे का बाप बोला,,, जी ना तो यो पागल है,,, ना इसका दिमाग खराब है,,,,,, दर असल यू हरियाणा रोडवेज मे ड्राईवर है,,,
इसलिए इसे ओवरटेक करने की आदत है😄
7
क्यूकर बेरा पाट्या
एक बार रमलू अपने मास्टरजी तैं बोल्या ," मास्टर जी , आज मनै म्हारे घरां पाँच माख्खी मारी जिनमाँ तैं तीन तो मादा थी अर दो नर माख्खी थी | मास्टर जी एक बार तो सोच मैं पड़ ग्या फेर बोल्या , " ओ रमलू एक बार नयों तो बता अक तनै क्यूकर बेरा लाया अक मादा कौनसी सै अर नर कौनसी सें ? रमलू सैड दे सी बोल्या -- मास्टरजी तीन माक्खी तो शीशे के साहमी बैठी थी अर दो सिगरेट की डिब्बी पर बैठी थी |"
8
शर्म नीं आई
रमलू अपणी घरआली धमलो नै ल्याण खातर सुसराड चल्या गया | जद वो धमलो नै लेके अपणी सुसराड तै चाल्लण लाग्या तो उसकी सासू नैं जुहारी म्ह उस ताई दस रपिये दे दिए | घरां आयां पाच्छे रमलू धमलो गेल झगड़ा करण लाग्या अर कई देर ताहिं झगड़ता रह्या | आखिर मैं धमलो तंग होकै रमलू तैं बूझण लाग्यी, 'जी थाम मेरै गेल क्यान्तें झगड़ण लाग रह्ये सो?' रमलू छोह मैं आकै बोल्या, "तेरी मां नै शर्म कोणी आयी |" धमलो नै बूझ्या , ""किस बात की शर्म?" बोल्या, "मैं थाहरे घरां केले तो सो रपियाँ के लेकै गया पर तेरी मां नै जुहारी म्ह दस रपिये दे दिए |" धमलो तपाक तैं बोल्यी, "जी मन्ने न्यूं बताओ अक थाह्म ओड़े मन्ने लेण गए थे अक केले बेच्चण गए थे |"
ranbir Dahiya
9
धमलो रमलू तैं--उठ ज्या इब तै, आठ बाज लिए।
रमलू--धमलो आज ये आँखैं ना खुल कै देंती। कोये इसी बात सुणा अक मेरी आँख खुल ज्यावैं।
धमलो--जिसतैं थाम रात भर चैटिंग कर रे थे, वा मेरी फेक आई डी सै।