बुधवार, 13 सितंबर 2023
फोबिया
10
रमलू अपनी प्रेमिका के साथ पार्क में बैठा था।
प्रेमिका : तुम मुझे अपनी हीरे की अंगूठी दे दो।
रमलू : क्यों?
प्रेमिका: मैं अंगूठी को देख के तुम्हें याद किया करुंगी।
रमलू : तुम ये सोचकर याद कर लेना कि कमीने से अंगूठी मांगी थी और उसने दी नहीं।
9
रमलू : पापा आपकी शादी हो गयी ?
पापा : हां।
रमलू : किस से हुई ?
पापा : बेवकूफ तेरी मम्मी से।
रमलू : वाह पापा घर में ही सेटिंग कर ली
8
रमलू कॉलेज में एक लड़की से बोला, आई लव यू।
लड़की ने कुछ नहीं बोला और चुपचाप खड़ी थी।
रमलू : अब तुम मुझे बोलो।
लड़की: गुस्से में, मैं अभी जाकर सर को बोलती हूं।
रमलू : पगली सर को मत बोल उनकी शादी हो गयी है।
7
रमलू नै एक बै एक पॉलट्री फार्म खोल लिया । फेर रमलू अपनी मुर्गियों के द्वारा कम अंडे दिए जाण करकै परेशान था। एक दिन उसनै सारी मुर्गियों ताहीं हुक्म दिया अक काल तैं मुर्गियां ज्यादा अंडे देवैँगी ।
रमलू :अगर तुम लोगों ने कल से 2-2 अंडे नहीं दिए तो कल से तुम्हारा दाना पानी बंद
मुर्गियाँ कसूती डरगी …. सारियाँ नै 2-2 अंडे दिए पर एक नै बस एकै अंडा दिया।
रमलू: तनै 1 अंडा क्यूं दिया सै ? तनै मेरा डर नहीं ?
.
.जवाब मिल्या : मालिक ! यो थारा डर करकै ए तो दिया सै … नातै मैं तो मुर्गा सूँ ।
6
विश्वास उठ लिया
एक दिन, एक चोर रमलू के घराँ चोरी करण आग्या . तिजोरी पै लिख्या था ‘तोड़ने की जरूरत नहीं सै … 564 बटन दबा दयो , आपै खुल जावैगी ….
ज्योंहे चोर नै 564 बटन दबाया, थोड़ी सी वार मैं पुलिस आगी ….
चोर बुडबुड़ाया : माँ कसम, आज इंसानियत पर तैं विश्वास उठ लिया
5
नहले पै दहला
रमलू सिपाही की ड्यूटी बोर्डर पी लाग री थी । एक दिन फोन कर कै रमलू अपने अधिकारी जुगनू थानेदार ताहीं न्यूँ बोल्या--साहब जी मनै एक ट्रक दारू का पकड़ लिया सै । जुगनू थानेदार बोल्या--शाब्बाश रमलू इब तूँ न्यूँ कर अक एक ट्रक भुजिया का और पकड़ ले ।
4
दारू अर रमलू
रमलू बहोत घनी दारू पिया करै था । जिब देखो जिब नशे मैं धुत पावै । एक दिन दुखी हो कै उसकी घर आली धमलो नै अपना बाबू फते बुला लिया अर बोली --बाबू इसकी तो किसे बख्त बी दारू कोण्या उतरती । फते बी समझावन लाग्या --बेटा रमलू ! तूँ दारू मत पीया कर । रमलू बोल्या --ठीक सै , मैं दारू कोण्या पीऊँ पर तमनै मेरी तीन शर्त माननी होँगी । फते बोल्या --बेटा बता तेरी तीन शर्त कौनसी सैं ? रामलू बोल्या --एक तो मैं जिस दिन कोए मेहमान आवैगा उस दिन दारू पीऊँगा । फते अर धमलो नै सोच्ची अक चलो कोए बात ना मेहमान के रोज रोज आवैंगे । न्यूँ सोच कै रमलू तिं बोले --ठीक सै । इब दूसरी शर्त बता । रमलू बोल्या-जिब ब्याह शादी होगी एक उस दिन पीऊँगा । वे दोनों बोले ठीक सै या भी मांनी । तीसरी और बता -- रमलू बोल्या --एक मेरा जिब जी करैगा जिद पीऊँगा ।
1
कई बार मरीज को फोबिया हो जाता है कि मेरा दायां हाथ जो कट गया है । उसे दूसरे हाथ से पकड़वा दो तो भी कहेगा नहीं हाथ नहीं कटा है । लिंब फोबिया कहते हैं इसे । जनता को भी फोबिया कर दिया । कितना ए समझा लो । दुःख झेलै और कहवै करया तो बढ़ियाये है ।
2
रमलू केले लेण गया
रमलू- भाई! केला लेणा होतै कितने का?
केले आला- 10 रूपये का
रमलू- 4 रूपये मैं देदे।
केले आला- 4 रूपये मैं तो छिलका दे दयूंगा।
रमलू- सैड़ दे सी 6 रूपये काढ़ कै बस केला देदे छिलका तूँ राख ले।
3
बटेऊ की हाजर जवाब सास
एक बै एक बटेऊ ससुराल गया । पहले ससुराल में साग-सब्जी, बूरा आदि मैं तब तक घी की धार डालते रहते थे जब तक कि मेहमान हाथ आगे कर के "बस, बस" कर के रोकता नहीं था । जब सास बूरा में घी डाल रही थी, तो बटेऊ परे-नै मुंह करकै बैठग्या - कदे "बस-बस" ना करना पड़ जावै ।
पर सासू भी कम चालाक नहीं थी । वो उसका मुंह वापस घी-बूरा की तरफ घुमा कर उसको दिखाती हुई बोली - "रै देख, बटेऊ जितणा तै दिया सै घाल, अर पहलवानी करणी सै तै आपणै घरां जा करिये" !!
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)