सोमवार, 7 अप्रैल 2014

NAKA

. एक बै रमलू  खेत  म्ह रेडियो सुनै  था। रेडियो पै एक लुगाई बताण लाग री थी, बंबई मै बाढ़ आ गी, गुजरात मै हालण आग्या, दिल्ली म्ह… रमलू  नै देख्या पाछे नै नाका  टूट्या पड़्या सै , अर पाणी दूसरे के खेत म्ह जाण लाग रहया सै ।  रमलू  छोंह म्ह आकै रेड़ियो कै दो लट्ठ मारकै बोल्या – दूर-दूर की बताण लाग री सै , लवै नाका टूट्या पड़या सै , यो बतांदे होए तेरा मुँह दुक्खै था । 

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