सोमवार, 29 सितंबर 2014

बाप का नाम करया रौशन

बाप का नाम करया  रौशन
माँ रमलू तैं: बेटा यो के करण लागरया सै ? 
रमलू : माँ , मैं बाबू  का नाम इस बल्ब पर लिखण लागरया सूँ ।  
माँ : ईसा  करै सै रे बेटा ?
रमलू : मैं अपने बाबू  का नाम रौशन करण ताहिं कररया सूँ  । 
रमलू डाक्टर से -आपने कहा  था कि सुबह गेम खेलने से सेहत ठीक रहती है ,पर मुझे तो कोई फर्क नहीं पड़ा?

 डॉक्टर - कौन  सा गेम खेल्या था
रमलू -- वोहे

sardaar

एक बै  रमलू काँधे पै  एक तोता बिठाएं ले जावै  था | 
आगे तैं कमलू  आग्या वो बोल्या "रै रमलू यु कुन्सा जिनावर सै "| 
तोता बोल्या -"सरदार"

रमलू कमलू नै पागे दो बम्ब

रमलू कमलू नै पागे दो बम्ब 
कमलू - रमलू  नै  दो बम मिले, पुलिस नै  देवण चाल पड़े।  
कमलू रमलू तैं बूझण लाग्या: जै कोए  बम राह  में फटग्या तो?
रमलू : झूठ बोल दयांगे अर  कह दयांगे अक एकै मिल्या था.

गुरुवार, 25 सितंबर 2014

apnee e liya

बाणिया (अपणी बहू तै) - मेरी कड मै भोत दर्द  हो रया सै, जा कै रमलू के घर तै आयोडैक्स  लिया
बहू - वो कोन्या दें
बाणिया - आच्छा ! भोत कन्जूस वो तै, चाल कोए ना, अपणी ए काढ ल्या अलमारी मै तै। 

gulgule

एक बै रमलू  घर नै  आया अर् अपनी बहु धमलो  तै बोल्या - आज मैं रामेहर के घरां  वो ए खा कै आया सूं, अर् तू भी वो ए बना ले l
धमलो  बोली-  जाय रोये वो ए का कुछ नाम भी होगा, के बनाऊ?
रमलू  बोल्या - वो ए बना, ना तै आज तेरी खैर नहीं l
इस्से तरिया  धमलो  पूछती रही अर् वो नुए कहता रहा कि वो ए बना,
अर् रमलू  नै धमलो चौखी  पीट  दी।
थोड़ी देर में एक पड़ोसन आई अर् बोली यो के कर राख्या सै  या पीट पीट  कै  तनै  गुलगुले बरगी बना दी ।
रमलू नै  दो लठ उस पड़ोसन कै  धरे अर् कह्य के तू थोड़ी हाण पहल्या आ जाती तै या बेचारी धमलो  तै ना पिटती....