एक बै रमलू घर नै आया अर् अपनी बहु धमलो तै बोल्या - आज मैं रामेहर के घरां वो ए खा कै आया सूं, अर् तू भी वो ए बना ले l
धमलो बोली- जाय रोये वो ए का कुछ नाम भी होगा, के बनाऊ?
रमलू बोल्या - वो ए बना, ना तै आज तेरी खैर नहीं l
इस्से तरिया धमलो पूछती रही अर् वो नुए कहता रहा कि वो ए बना,
अर् रमलू नै धमलो चौखी पीट दी।
थोड़ी देर में एक पड़ोसन आई अर् बोली यो के कर राख्या सै या पीट पीट कै तनै गुलगुले बरगी बना दी ।
रमलू नै दो लठ उस पड़ोसन कै धरे अर् कह्य के तू थोड़ी हाण पहल्या आ जाती तै या बेचारी धमलो तै ना पिटती....
धमलो बोली- जाय रोये वो ए का कुछ नाम भी होगा, के बनाऊ?
रमलू बोल्या - वो ए बना, ना तै आज तेरी खैर नहीं l
इस्से तरिया धमलो पूछती रही अर् वो नुए कहता रहा कि वो ए बना,
अर् रमलू नै धमलो चौखी पीट दी।
थोड़ी देर में एक पड़ोसन आई अर् बोली यो के कर राख्या सै या पीट पीट कै तनै गुलगुले बरगी बना दी ।
रमलू नै दो लठ उस पड़ोसन कै धरे अर् कह्य के तू थोड़ी हाण पहल्या आ जाती तै या बेचारी धमलो तै ना पिटती....
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