गुरुवार, 25 सितंबर 2014

gulgule

एक बै रमलू  घर नै  आया अर् अपनी बहु धमलो  तै बोल्या - आज मैं रामेहर के घरां  वो ए खा कै आया सूं, अर् तू भी वो ए बना ले l
धमलो  बोली-  जाय रोये वो ए का कुछ नाम भी होगा, के बनाऊ?
रमलू  बोल्या - वो ए बना, ना तै आज तेरी खैर नहीं l
इस्से तरिया  धमलो  पूछती रही अर् वो नुए कहता रहा कि वो ए बना,
अर् रमलू  नै धमलो चौखी  पीट  दी।
थोड़ी देर में एक पड़ोसन आई अर् बोली यो के कर राख्या सै  या पीट पीट  कै  तनै  गुलगुले बरगी बना दी ।
रमलू नै  दो लठ उस पड़ोसन कै  धरे अर् कह्य के तू थोड़ी हाण पहल्या आ जाती तै या बेचारी धमलो  तै ना पिटती....

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