शुक्रवार, 26 दिसंबर 2014

दो चुटकले



एक बर गाम मैं  थानेदार आग्या, उस दिन एक भाई की भैंस  किसे का खेत चरगी थी, घना कसूता उल्हाना आया था। उसके घर आले  थानेदार नै  बोले, थानेदार साब इसने डरा धमका कै  ब्याह खातर त्यार कर ल्यो , यो ब्याह तैं  घना डरै  सै ।  थानेदार नै  डरा धमका कै  वो ब्याह क मन्ड्प मैं  बैठन नै त्यार कर दिया। दूजे गाम मैं जिब दुल्हन नै  ब्याह के  मन्ड्प मैँ  ल्याए , तो छोरा बोला “ए बेबे तेरी भैँस  नै  भी किसे का खेत चर लिया था के “?
एक  बै एक साईकल आले नै  एक बुढिया मैं  साईकल भिडा दी। बुढिया बोली “रे  ऊत तूँ  ईतनी बडी बडी मूँछ  ले रया सै , तनै शरम नही आयी  मेरै  टक्कर मारदी”। साईकल आला छोरा बोला, “क्यो ताई मूंछां  मैं  के ब्रेक लाग री सैं ”।

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