रविवार, 30 अक्टूबर 2016

deshdrohi koon

कमलू -- रै रमलू ! ये  राष्ट्र द्रोह अर राष्ट्र प्रेम किस बला के नाम सैं ?
रमलू -- भाई घणा तो मनै बेरा ना फेर जो समझ मैं आया वो यो सै अक
जो अडानी अम्बानी टाटा बाटा  मॉनसैंटो अर मैक्डोनैल्ड बरगी कम्पनियाँ का विरोध करै अर आपसी भाईचारे की बात करै धर्म के नाम पर नफरत फलावन का अर अन्धविश्वास का विरोध करै वो देश द्रोही अर जो इनके गुण गावै वो  देश प्रेमी ।
कमलू -- या तो उल्टे बांस बरेली नै आली बात होगी ।
रमलू -- ओ देशद्रोही क्यूकर बोल्या ??

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