डॉक्टर – आपको क्या बिमारी है ? रमलू – पहले आप वादा करो की हंसोगे नहीं । डॉक्टर – OK…Promise… रमलू नै अपनी टांगे दिखाई जो माचिस की तीली जितनी पतली थी । डॉक्टर को यह देख के हंसी आ गयी । रमलू – आपने ना हंसने का वादा करया था । डॉक्टर – अच्छा Sorry… अब तकलीफ बताओ । रमलू – डॉक्टर साहब, यह सूज गयी है । डॉक्टर – हाहाहाहा… भाग साले… तू आया ही हंसाने के लिए है…
धमलो घरआली : जो आदमी रोज शराब पीकै आवै उसकी खातर मेरे मन में कोई हमदर्दी नहीं सै | रमलू : जिसनै रोज शराब मिलज्या , उसनै तेरी हमदर्दी की जरुरत भी नहीं सै !!
एक बर रमलू शराबी का पड़ोसन की गेल्याँ झगड़ा होग्या.... रमलू :- कोढ़ण, काली-कलूटी, भुंड़ी, पेटली, दांतली....! पड़ोसन:- र तू के शराबी सा, नशेड़ी...!! रमलू :- मैं तो तड़कै नै ठीक होजूंगा.....पर तूं तो सदा न्यूएँ रहवैगी...!!!
साधु:: बच्चा तुझे स्वर्ग मिलेगा । लाओ कुछ दक्षिणा दे जाओ। रमलू:: ठीक सै दक्षिणा मैं थारे ताहिं मनै दिल्ली दे दी। आज तैं दिल्ली थारी होली। साधु:: दिल्ली क्या तुम्हारी है ? जो मुझे दे रहे हो?? रमलू:: तो यो स्वर्ग के थारे बाबू नै खरीद राख्या सै , जो थाम उड़े के प्लाट ऑड़े बाँटन लागरे सो???
रमलू:: जै कदे वो math के मास्टर जी फेटगे तो जरूर पूछूँगा . मास्टरजी - यैं डंडे मार-मार कै sin, cot, tan थीटे सिखाए थे , यें जिंदगी मैं कद काम आवैंगे ??