धमलो घरआली :
जो आदमी रोज शराब पीकै आवै उसकी खातर मेरे मन में कोई हमदर्दी नहीं सै |
रमलू :
जिसनै रोज शराब मिलज्या , उसनै तेरी हमदर्दी की जरुरत भी नहीं सै !!
जो आदमी रोज शराब पीकै आवै उसकी खातर मेरे मन में कोई हमदर्दी नहीं सै |
रमलू :
जिसनै रोज शराब मिलज्या , उसनै तेरी हमदर्दी की जरुरत भी नहीं सै !!
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