शनिवार, 7 अप्रैल 2018

रमलू पूरी ज़िन्दगी सोचता रहा…
सोचता रहा…
सोचता रहा…
और
सोचते सोचते ए मरग्या ,
कि जै  मेरी बहिन के 3 भाई सैं ,
तो मेरे 2 ही क्यों सैं  ?

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