थप्पड़ क्यूं मारे ?
रमलू अपने याड़ी कमलू तें फेटन रोहतक चलया गया । एड्रेस का बेर कोन्या भाई नै । फोन करकै बूझन खातर एक अस टी डी की दूकान पै गया आर जानते की साथ दो थप्पड़ जड़ दिए दूकानदार कै । दूकानदार नै पुलिस बुला ली । पुलिसिया नै बुझी क्यों मारे थप्पड़ ?रमलू बोल्या --थानेदार साहब ! इसमें मेरा के कसूर सै ,इसनै ऐ अपनी दुकान कै महं लिख राख्या सै अक फोन मिलावान तैं पह्ल्याँ दो लगाओ ।
रमलू अपने याड़ी कमलू तें फेटन रोहतक चलया गया । एड्रेस का बेर कोन्या भाई नै । फोन करकै बूझन खातर एक अस टी डी की दूकान पै गया आर जानते की साथ दो थप्पड़ जड़ दिए दूकानदार कै । दूकानदार नै पुलिस बुला ली । पुलिसिया नै बुझी क्यों मारे थप्पड़ ?रमलू बोल्या --थानेदार साहब ! इसमें मेरा के कसूर सै ,इसनै ऐ अपनी दुकान कै महं लिख राख्या सै अक फोन मिलावान तैं पह्ल्याँ दो लगाओ ।



