एक बै रमलू का अर कमलू का पड़ोस था | कमलू का बुड्ढा बाबू मर गया | अर रमलू हर लामणी लाग रे थे किम्मे ध्यान ना दिया | कई दिन पाछे :- कमलू — आ भाई , हाम भोत नाराज सां ,तम मेरे बाबू का गोड़ा मोड्न ना आये |रमलू —– नाराज ना होवे भाई ,इबकै कोए मरेगा जब आ जावान्गे |
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