एक दिन रमलू नै अपनी भाभी खूब पीटी । उसके चिल्लावण की आवाज सुन कै पड़ोसी देखण आगे अर रमलू तैं बूझण लागे अक के बात होगी , इतना क्यों मार रहे हो अपनी भाभी नै ?
रमलू (गुस्से में): भाईसाहब या मेरी पीठ पीछे छुप -छुप के रोज मेरे सभी दोस्तों गेल्याँ बाते करती है।
पडोसी: तुम्हे कैसे पता लगा?
रमलू : अरे मैं जब भी अपने किसी दोस्त तैं बूझूँ हूँ कि वो फ़ोन पै किस गेल्याँ बात कररया हैं, तो वो नयों ऐ कहवै है 'तेरी भाभी तैं '।
रमलू (गुस्से में): भाईसाहब या मेरी पीठ पीछे छुप -छुप के रोज मेरे सभी दोस्तों गेल्याँ बाते करती है।
पडोसी: तुम्हे कैसे पता लगा?
रमलू : अरे मैं जब भी अपने किसी दोस्त तैं बूझूँ हूँ कि वो फ़ोन पै किस गेल्याँ बात कररया हैं, तो वो नयों ऐ कहवै है 'तेरी भाभी तैं '।
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