शुक्रवार, 30 सितंबर 2016

डन- डना - डन

अध्यापक एक विद्यार्थी से --- इस लाइन की अंग्रेजी बनाओ ---उसने अपना काम किया और करता ही गया |
विद्यार्थी ने कहा --- ही डन हिज वर्क एंड डन- डना - डन, डन- डना- डन

पति और ट्रक में क्या फर्क

एक महिला  दूसरी  से  बोली  - पति और ट्रक में क्या फर्क है ???
दूसरी औरत बोली -- एक बिगड़ता है तो बंद हो जाता है दूसरा बिगड़ता है तो शुरू हो जाता है (पीटना )

मंगलवार, 13 सितंबर 2016

रमलू- चूहे मारने की दवा दिए....,
केमिस्ट - घर लेकर जानी है ? -.- -.-
रमलू - नहीँ चुहे गैल लेकै आया हूँ आड़ै ए ख्वादे..।।

भेली

भेली
हरियाणा मैं भात न्योतने की एक प्रथा है। एक बै एक ताई भात न्योतन दिल्ली के बवाना गाँव मैं जाथी। ओचन्दी बार्डर पै पुलिस नै भेली (5 किलो गुड़) पकड़ ली अर थानेदार बोल्या-- ताई गुड़ गुड़ दिल्ली मैं कोणी जा सकदा।ताई बोली - दरोगा जी मेरा भाई चाला सै । जै गुड़ नहीं लेकै गयी तो बेरा ना के के सुनावैगा।मन्नै यो गुड़ ले जाणदे।
थानेदार कुछ पिस्से लेकै जाण देना चाहवै। बुढ़िया बहोत गिड़ गिड़ाई पर थानेदार कोण्या मान्या ।फेर बुढ़िया सोच साच कै बोली-- भाई बिना भेली तो मैं नहीं जाऊं अर भेली तूँ नहीं ले जावण दे। तै फेर न्यूं कर चार मार्च का फ़ाग आले दिन का ब्याह सै अर या भेली तोहें राख अर उस दिन आ जाईये ।

तनै देखण आला आरया सै!!!


एक बै एक रमलोऔर उसका घर आला रमलू दोनूँ आपणा सामान बेचण खातर एक गाँव तैं दूसरे गाँव मैं जावैं थे। रमलो आगे कै चढ़गी अर रमलू पिछली खिड़की म्हां कै चढ़ग्या। कंडक्टर नै रमलू ताहिं टिकट काट कै देदी। फेर आगे नै जाकै कंडक्टर रमलो ताहिं टिकट की कहण लाग्या। रमलो
नै बता दिया अक टिकट पाछै रमलू नै लेली। पर कंडक्टर  मजाक करण की खातर ना मान्या तै रमलो हार कै बोली -ओ रमलू एकबै आगे नै लखाईए । रमलू बोल्या- कयांतें, के बात सै? रमलो बोली- तनै देखण आला (सगाई आला) आरया सै । सारी बस जोर की हंस पड़ी।

जनेती रुपैया


बस मैं रमलू बैठया था अर उसके गेल्याँ कई बालक भी थे ।कंडक्टर आया अर बोल्या- टिकट। रमलू- ले एक टिकट दे दे। कंडक्टर - एक क्यांकि आधी जनेत गैल लेरया अर। जनेत मैं जाकै सारयां का रपिया ग्लास मांगैगा। रमलू नै शांत भाव तैं जवाब दिया - भाई टिकट तै एकै देदे पर जै ये थारै जनेती आज्यां तै जनेती रपिया ग्लास मतना दिए ।