मंगलवार, 13 सितंबर 2016

जनेती रुपैया


बस मैं रमलू बैठया था अर उसके गेल्याँ कई बालक भी थे ।कंडक्टर आया अर बोल्या- टिकट। रमलू- ले एक टिकट दे दे। कंडक्टर - एक क्यांकि आधी जनेत गैल लेरया अर। जनेत मैं जाकै सारयां का रपिया ग्लास मांगैगा। रमलू नै शांत भाव तैं जवाब दिया - भाई टिकट तै एकै देदे पर जै ये थारै जनेती आज्यां तै जनेती रपिया ग्लास मतना दिए ।

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