रविवार, 17 जून 2012

PICHHANYA

सत्तू राह मैं जांदी होई छोरी तैं बूझन लाग्या --तूं मनै जानै सै ?
कमली -- ना , कौन सै तूं ?
सत्तू -- मैं ओये सूँ जो तनै दो दिन पहलम बी नहीं पिछान्या था |

KITNA CHAHVAI SAI

एक औरत --- तूं मनै कितना चाहवै सै ?
रमलू --- शाहजहाँ तैं भी फालतू औरत --- फेर तूं मेरे मरें पाछै ताजमहल बन्वावैगा ?
रमलू ---हाँ मनै प्लाट तो ले राख्या सै बस तेरे मरण की बाट देखूं सूँ |

pandav

मास्टर जी ---धिरतराष्ट्र कै १०० बालक थे अर पांडव कै पाँच , इसा क्यूं था ?
रमलू --- मास्टर जी साँझ नै ज्योत बाल कै कृशन जी महाराज धोरै बूझुंगा फेर बताऊँगा 

KHABAR

रमलू ---अच्छी खबर बी सै अर भुंडी बी |
थमलू---इसी के खबर सै ?
अच्छी तो या अक मेरी घराली का अक्सी डैन्ट होग्या अर बुरी बात या अक व बचगी |

TECHNOLOGY

नर्स --- मुबारक हो थारे घर छोरा हुया सै |
रमलू---के टकनोलोजी आगी लुगाई मेरी हस्पताल मैं अर छोरा घर मैं |||

KISS

रमलू फकीर अर अम्बानी अमीर का एक बार सूट बैथ्ग्य बात करण का |
अम्बानी जी बोले --अच्छा रमलू न्यूं बता अक किस करना मेहनत सै अक या मजा सै ?
रमलू बोल्या --अम्बानी जी क्यूं मजाक करो सो गरीब की गेल्याँ ?
अम्बानी --नहीं रमलू मैं असल मैं जानना चाहूं सूँ |
रमलू बोल्या -- अम्बानी साहब जरूर मजा होगा , नाह तै मेहनत होती तै थाम भी मेरे पै ए करवांदे||

Daroo

कमली --थाम देसी पी कै आवो सो तो मनै पारो कह कै बोलै सै |
अर जब अंगरेजी पी कै आवो सो तो मनै डार्लिंग कह कै बोलो सो 
फेर आज थामनै मेरे ताहीं भूतनी अर चुड़ैल क्यूं कहया ?
रमलू --आज स्प्राईट पी कै आया सूँ | सीधी बात नो बकवास ||

chhoree


रमलू --- छोरी फंसानी आवै सै ?
कमलू  --- ना |
रमलू ---एक कागज का जहाज  बना , जिब मास्टर जी  आवें तो उस नै  क्लास मैं उड़ा
 दिए अर मास्टर जी बूझें तो उस छोरी का नाम ले दिए| बस फँसगी छोरी 
 

bijali


मास्टर जी --- बालको बताओ बीजली कित तैं आवै सै ?
रमलू --- मामा के घर तैं मास्टरजी |
मास्टर जी --- क्यूकर ?
रमलू ----जब भी बीजली जावै है, मेरा बाबू कहवै है , सालयाँ नै फेर काट दी     

Kaunsee kitab


मास्टर जी --- कौनसी किताब थाम नै  ज्यादा मदद करै सै ?
रमलू -- साच बोलूँ अक झूठ ?
मास्टर जी --साच बोल बेटा |
रमलू --- मेरे बाबू की चैक बुक |
-- 

सोमवार, 30 अप्रैल 2012

andhi

आंधी चल रही ये नहीं थमीं यारो 
रात की गर्द मेरे चेहरे पे जमीं यारो 
कुछ ठूंठ खड़े हैं कहीं कहीं मेरे जैसे 
कुछ उखड़े पड़े हैं कहीं तुम्हारे जैसे 
हम सब बेचें हैं इसके थपेड़े खाकर 
तुम बैठ गये अपने महलों में जाकर 
यह आंधी आज किसे साल रही देखो 
झोंपड़ी इधर उधर उछाल रही देखो

janwar

GIN LENE DE

एक बार रमलू की घर आली चांदो रमलू तीं बोली -- अपने ब्याह नै घने ए साल होगे | आज तो थाम मने एक बात साच्ची साच बताओ 
|रमलू बोल्या -- कौनसी बात ? चांदो बोली -- थाम मने नयों बता दयो अक ब्याह तैं पहलम थारा कितनी छोरीयाँ तैं याराना था ?
या बात सुन कै रमलू एक दम चुप होग्या अर घनी ए वार ताहीं कोन्या बोल्या | 
रमलू नै चुप देख कै चांदो बोली -- तेरी बोलती बंद क्यां तैं होगी ? रमलू बोल्या -- चुप होज्या पहल्यां गिन लेन दे |

samjhoon soon

एक गुजराती बाबू के २ बालक थे |रमलू अर कमलू |
रमलू -- पापा , कमलू आपको गधे की बराबर बी कोनी समझता 
कमलू- नहीं पापा , यूं झूठ बोलै सै | मैं तो समझूं सूँ |

bharosa

मखौलिया बनिया -भगवान जै तूं मने १०० रपईये दे दे तो ५० मैं मंदिर मैं चढ़ा द्यूंगा |
थोड़ी सी वार मैं जब वो थोड़ी सी दूर गया तो ५० रपईये पागे|
मखौलिया बनिया बोल्या--वह रै राम जी ,इतना बी भरोषा कोनी करया अपने रपईये पहल्में काट लिए तनै

रविवार, 22 अप्रैल 2012

रमलू नै अपना गधा बेचना था . रमलू नै अपने सारे दोस्तों को एस ऍम एस करया ---थामनै कदे किसे गधे की जरूरत हो तो मनै याद कर लियो |
रमलू की घरआली कै एक छोरा पैदा हुया |
पैदा होंते की साथ वो नर्स नै बोल्या -- मो बा इल लेरी सै के??
नर्स बोली -- क्यूं के करेगा मो बा इल का ?? 
छोरे नै अंगड़ाई सी ली अर बोल्या --मेरी दोस्त को एक एस ऍम एस करना था |
रमलू नै अपने दोस्त ताहीं कहया -- देख वा छोरी मनै देख कै हँसन लागरी सै |

ठ्मलू नै जवाब दिया --जब मनै तूं पहली बरियाँ देख्या था तो तीन दिन ताहीं अपनी हांसी कोनी रोक पाया था |
एक गाम की नटखट छोरी डाकघर मैं मनी आर्डर करवान गयी |

पोस्ट मास्टर --मैडम यो नोट तो पाट्या औड सै | इसनै बादल दे |

नटखट छोरी बोली -- मैं अपनी मम्मी नै पीसे भेज री सूँ | फट या औड नोट भेजूं कै नया थामनै के फरक पड़े सै ?
बोस -- तुम्हें ड्राइवर की जॉब दे रहा हूँ | स्टार्टिंग सैलरी २००० रूपैये | ठीक सै ना 

हरयाणवी डॉ इवर -- यु आर ग्रेट सर ! गाड्डी स्टार्ट करने की सैलरी तै ठीक सै ---बट?? गाड्डी चलावन की सैलरी कितनी सै???