रविवार, 17 जून 2012
PICHHANYA
सत्तू राह मैं जांदी होई छोरी तैं बूझन लाग्या --तूं मनै जानै सै ?
कमली -- ना , कौन सै तूं ?
सत्तू -- मैं ओये सूँ जो तनै दो दिन पहलम बी नहीं पिछान्या था |
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