एक बूढ़े पहलवान नै भीड़ को संबोधित करते होयें कहया ,
" मेरे मैं इबी उतनी ए ताकत सै जितनी जवानी के दिनों
मैं थी |"
"वा क्यूकर ?" एक माणस नै बूझ ली |
" वो बड़ा सा पत्थर देखो सो ना | मैं उसनै जवानी मैं बी
ठाया करदा अर इबी ठाऊँ सूँ | वो ना तो जवानी मैं
उठया अर ना बुढ़ापे मैं |"
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