मंगलवार, 19 जून 2012

takat

एक बूढ़े पहलवान नै भीड़ को संबोधित करते होयें कहया ,
" मेरे मैं इबी उतनी ए ताकत सै जितनी जवानी के दिनों 
मैं थी |"
"वा क्यूकर ?" एक माणस नै बूझ ली |
" वो बड़ा सा पत्थर देखो सो ना | मैं उसनै  जवानी मैं बी
 ठाया  करदा अर  इबी  ठाऊँ  सूँ   | वो ना तो  जवानी मैं  
उठया अर ना बुढ़ापे मैं |"

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