मक्खन सिंह की बहू दूध बिलोवे थी | थोड़ी सी हान मैं जद मक्खन बिलोवानी मैं तैरण लाग्या तो वा अपनी सास नै बोली " माँ जी इब मक्खन तैरण लाग्या सै |
सास नै डांट मार कै कहया ," तनै बोलन का शउर नहीं सै के ? अपने सुसरे का नाम लेंते होयें तनै शर्म नहीं आंती ? बहू चुप रैहगी | अगले दिन उसे ढाल जब दूध बिलोवन पै मक्खन तैरण लाग्या तो बहू बोली , माँ जी , देखो नै बिलोवानी मैं पिता जी तैरें सें|
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