रविवार, 17 जून 2012

makkhan singh

मक्खन  सिंह  की बहू दूध बिलोवे थी | थोड़ी सी हान मैं जद मक्खन  बिलोवानी मैं तैरण लाग्या तो वा अपनी सास नै बोली " माँ जी इब मक्खन तैरण लाग्या सै |
सास नै डांट मार कै कहया ," तनै बोलन का शउर   नहीं सै के ? अपने सुसरे का नाम लेंते होयें तनै शर्म नहीं आंती ? बहू चुप रैहगी | अगले दिन उसे ढाल जब दूध बिलोवन पै मक्खन तैरण लाग्या तो बहू बोली , माँ जी , देखो नै बिलोवानी मैं पिता जी तैरें सें|  

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