रविवार, 15 दिसंबर 2013
बुधवार, 11 सितंबर 2013
soch
सकारात्मक सोच घोर अँधेरे में भी
रोशनी की किरण ढूंढ लेती है
नकारात्मक सोच रोशनी में भी
साफ़ साफ नहीं देख पाती है
रोशनी की किरण ढूंढ लेती है
नकारात्मक सोच रोशनी में भी
साफ़ साफ नहीं देख पाती है
KUNVARE SO KE
kunvare so ke
एक दिन रमलू को एक अनजान फोन नंबर से फोन आया --फोन पै एक छोरी बोली हैलो थाम कुंवारे सो के ?
रमलू बोल्या --हाँ कुंवारा सूँ फेर थाम कौन बोलो सो ?
जवाब आया -- मैं था री घराली प्रेमो बोलूं सूँ ,आ घर नै फेर बताऊँगी |
थोड़ी सी वार मैं फेर फोन आया अर एक छोरी बोली --थाम शादी शुदा सो ?
रमलू बोल्या --हाँ फेर थाम कौन बोलो सो ?
लड़की -- मैं थारी गर्ल फ्रैंड ! धोखेबाज !!!
रमलू--सॉरी डार्लिंग मनै सोच्या मेरी घराली प्रेमो है |
लड़की-- प्रेमो ए सूँ| घरा आ एक बॅ फेर बताऊँगी |
एक दिन रमलू को एक अनजान फोन नंबर से फोन आया --फोन पै एक छोरी बोली हैलो थाम कुंवारे सो के ?
रमलू बोल्या --हाँ कुंवारा सूँ फेर थाम कौन बोलो सो ?
जवाब आया -- मैं था री घराली प्रेमो बोलूं सूँ ,आ घर नै फेर बताऊँगी |
थोड़ी सी वार मैं फेर फोन आया अर एक छोरी बोली --थाम शादी शुदा सो ?
रमलू बोल्या --हाँ फेर थाम कौन बोलो सो ?
लड़की -- मैं थारी गर्ल फ्रैंड ! धोखेबाज !!!
रमलू--सॉरी डार्लिंग मनै सोच्या मेरी घराली प्रेमो है |
लड़की-- प्रेमो ए सूँ| घरा आ एक बॅ फेर बताऊँगी |
RAMLOO
रमलू -पहलम मैं अपनी बीवी नै बीए करवाऊँगा
फेर एम ए और पीएचडी और फिर अच्छी सी नौकरी दिवाऊंगा
कमलू बोल्या - अर फेर आच्छा सा रिश्ता देखकै उसका ब्याह भी करवा दिए ।
फेर एम ए और पीएचडी और फिर अच्छी सी नौकरी दिवाऊंगा
कमलू बोल्या - अर फेर आच्छा सा रिश्ता देखकै उसका ब्याह भी करवा दिए ।
शुक्रवार, 6 सितंबर 2013
रविवार, 21 जुलाई 2013
थप्पड़ क्यूं मारे ?
थप्पड़ क्यूं मारे ?
रमलू अपने याड़ी कमलू तें फेटन रोहतक चलया गया । एड्रेस का बेर कोन्या भाई नै । फोन करकै बूझन खातर एक अस टी डी की दूकान पै गया आर जानते की साथ दो थप्पड़ जड़ दिए दूकानदार कै । दूकानदार नै पुलिस बुला ली । पुलिसिया नै बुझी क्यों मारे थप्पड़ ?रमलू बोल्या --थानेदार साहब ! इसमें मेरा के कसूर सै ,इसनै ऐ अपनी दुकान कै महं लिख राख्या सै अक फोन मिलावान तैं पह्ल्याँ दो लगाओ ।
रमलू अपने याड़ी कमलू तें फेटन रोहतक चलया गया । एड्रेस का बेर कोन्या भाई नै । फोन करकै बूझन खातर एक अस टी डी की दूकान पै गया आर जानते की साथ दो थप्पड़ जड़ दिए दूकानदार कै । दूकानदार नै पुलिस बुला ली । पुलिसिया नै बुझी क्यों मारे थप्पड़ ?रमलू बोल्या --थानेदार साहब ! इसमें मेरा के कसूर सै ,इसनै ऐ अपनी दुकान कै महं लिख राख्या सै अक फोन मिलावान तैं पह्ल्याँ दो लगाओ ।
MUFAT MAIN
मोराँ नै दाणे
रमलू अपनी चौपाड़ मैं झोला लेकै बैठ्या था अर बैठ्या बैठ्या झोले मैं हाथ घालकै थोड़ी थोड़ी हाण मैं हाथ बहार काढ कै मुठी खोल्लन लाग रया था । साहमी खड्या खड्या कमलू देखै था वो उसके धोरै जा कै बोल्या --रमलू के करण लागरया सै इतनी वार होली ? रमलू बोल्या --कमलू मैं तो मोरां नै दाणे खुवावन लागरया सूँ । कमलू-- आडे मोर कित सैं ? रमलू बोल्या--न्यूँ तो कमलू मेरे पै दाणे बी कोन्या फेर मुफ्त का पुन्न कमावण मैं के हर्जा सै ?
रमलू अपनी चौपाड़ मैं झोला लेकै बैठ्या था अर बैठ्या बैठ्या झोले मैं हाथ घालकै थोड़ी थोड़ी हाण मैं हाथ बहार काढ कै मुठी खोल्लन लाग रया था । साहमी खड्या खड्या कमलू देखै था वो उसके धोरै जा कै बोल्या --रमलू के करण लागरया सै इतनी वार होली ? रमलू बोल्या --कमलू मैं तो मोरां नै दाणे खुवावन लागरया सूँ । कमलू-- आडे मोर कित सैं ? रमलू बोल्या--न्यूँ तो कमलू मेरे पै दाणे बी कोन्या फेर मुफ्त का पुन्न कमावण मैं के हर्जा सै ?
शुक्रवार, 12 जुलाई 2013
do parche
दवा के दो पर्चे
मरीज- डॉक्टर साहब, आपने मेरे ताहीं दवाईयों के दो पर्चे लिखकर क्यों दिए सैं ?
डॉक्टर- आपको दोनों ही पर्चों की दवाईयां खरीदनी सैं । एक पर्चे की दवाईयों तैं थाम बेहतर महसूस करोगे और दूसरे पर्चे तैं दवा कंपनी।
मरीज- डॉक्टर साहब, आपने मेरे ताहीं दवाईयों के दो पर्चे लिखकर क्यों दिए सैं ?
डॉक्टर- आपको दोनों ही पर्चों की दवाईयां खरीदनी सैं । एक पर्चे की दवाईयों तैं थाम बेहतर महसूस करोगे और दूसरे पर्चे तैं दवा कंपनी।
रमलू अर डॉक्टर
रमलू अर डॉक्टर
डाक्टर: जिब थामनै बेरा था अक छिपकली थारे मुंह में जा रही है तो थाम चुप क्यों थे ?
रमलू : पहलम जिब काकरोच गया था तो मनै लग्या कि छिपकली उसनै पाकड़ लेगी।
डाक्टर: जिब थामनै बेरा था अक छिपकली थारे मुंह में जा रही है तो थाम चुप क्यों थे ?
रमलू : पहलम जिब काकरोच गया था तो मनै लग्या कि छिपकली उसनै पाकड़ लेगी।
pyar ke ho sai
कमलू नै बताया अक प्यार के हो सै
रमलू कमलू तैं : यार मोहब्बत के बारे में तेरे के ख्याल सैं ?
कमलू : मोहब्बत एक तैं हो, तो भोलापन सै . 2 तैं हो, तो अपनापन सै . 3 तैं हो, तो दीवानापन सै . 4 से ...
रमलू कमलू तैं : यार मोहब्बत के बारे में तेरे के ख्याल सैं ?
कमलू : मोहब्बत एक तैं हो, तो भोलापन सै . 2 तैं हो, तो अपनापन सै . 3 तैं हो, तो दीवानापन सै . 4 से ...
सोमवार, 8 जुलाई 2013
मंगलवार, 2 जुलाई 2013
vo daur
मज़हबी दीवारों के साए में अब पतंगे नहीं उड़तीं
कभी मेरी गली की छतों पर शहर बसा करता था।
मानवता के बिना बताते जिन्दगी नहीं जुडती
मालूम है तब कटती पतंग देख खूब हंसा करता था ।
कभी मेरी गली की छतों पर शहर बसा करता था।
मानवता के बिना बताते जिन्दगी नहीं जुडती
मालूम है तब कटती पतंग देख खूब हंसा करता था ।
Sent Message
रमलू -रै यार कमलू यो सेन्ट मैसेज के बला सै ?
कमलू -रै बावलीबूच सेन्ट मैसेज का मतलब होवै है खुशबू आला मैसेज।
कमलू -रै बावलीबूच सेन्ट मैसेज का मतलब होवै है खुशबू आला मैसेज।
byah bhi karva diye
रमलू -पहलम मैं अपनी बीवी नै बीए करवाऊँगा
फेर एम ए और पीएचडी और फिर अच्छी सी नौकरी दिवाऊंगा
कमलू बोल्या - अर फेर आच्छा सा रिश्ता देखकै उसका ब्याह भी करवा दिए ।
फेर एम ए और पीएचडी और फिर अच्छी सी नौकरी दिवाऊंगा
कमलू बोल्या - अर फेर आच्छा सा रिश्ता देखकै उसका ब्याह भी करवा दिए ।
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