शुक्रवार, 20 दिसंबर 2013

dhaka kaun deta

एक मंदिर का निर्माण होण लागरया  था अक  एक मजदूर घनिए  ऊंचाई  तैँ  पड़ग्या । उसकी जान तो बचगी  फेर  चोटें बहुत आईं।
एक पंडित जो दूर खड़या खड़या  उसनै  गिरता देखै था भाज कै उसके धोरै आया  अर  उसनै  जिंदा पाकै  बोल्या --: भगवान तेरी गेल्यां  था  बेटे।
मजदूर कराहते हुए बोल्या --: हां कोए  ना  कोए  जरूर मेरी  गेल्याँ  था वरना म नै  घक्का कौन देता।

AKBAR KAUN THA

टीचर: अकबर कौन था?
रमलू : पता नहीं सर।
टीचर: पढ़ाई की तरफ ध्यान दिया करो,पता चलेगा।
रमलू : आप बताईए,सुशीला  कौन है?
टीचर: नहीं पता।
रमलू : अपनी बेटे  की तरफ ध्यान दिजिए, पता चल जायेगा । 

गुरुवार, 19 दिसंबर 2013

charger

एक चोर रमलू  का मोबाइल लेकर भाग रहा था। रमलू  जोर से हंसने लगा। पत्‍नी ने कहा: चोर मोबाइल लेकर भाग रहा है और तुम हंस रहे हो। रमलू : अरै  उसनै भाजण दे , चार्जर तो मेरे धोरै सै । 

-रानी की तरियाँ राखूंगा।



-रानी की तरियाँ  राखूंगा। 
घरआली : तनै  शादी तैं पहलम  क्‍यों नहीं बताया अक  तेरी  रानी नाम की एक और घरआली  सै ?
 रमलू : कहया  तो था अक  तनै रानी  की ढालाँ  राखूंगा । 

मक्‍खी के पैर




मक्‍खी के पैर
 रमलू  नै  मक्खी के पैर तोड़ कै  कहया ... "जा उड़ ज्या "!...
 फेर  मक्खी  उड़ी कोण्या .
 रमलू : इससे साबित होग्या अक  मक्खी के पैर तोड़ दिए
 जावैं तो मक्खी सुन नहीं सकती

ASLI NAKLI

नफे  (सते  से) - यार एक बात बता ! एक झोटे  के सामने १२ केले रखे हैं, झोटा  ११ केले खा गया १ छोड़ दिया. क्यों ????
सते  - क्योंकि १ केला नकली था. अब तू बता कि एक झोटे  के सामने १२ केले रखे पर उसने एक भी केला नहीं खाया|. क्यों ????
नफे  - सारे नकली केले थे !
सते  - नहीं क्योंकि झोटा  ए  नकली था ....... !!!

rokti kyon nahin

पति   - अजी सुनती  हो ? आपकी  दोस्त एक पागल लड़के  से शादी करने जा रही  है. आप उसे रोकती   क्यों नहीं ? पत्नी  - क्यों रोकूँ ? उस ने  मुझे रोका था क्या ..... ?

hospital

पंजाब का एक अस्पताल
मरीज --डाक्टर साहब बिस्तरे ते एक  चादर तां  दे देवो  |
डाक्टर - वो मेरा कमरा हैगा  ना जिथे  मैं सोंदा  हाँ  ,उठां  दे  बिस्तर तों  ले लो |
मरीज वहां गया वापिस आकर-- डाक्टर साहब ! वहां तो चादर की तो गल छड़ो   गद्दा भी टूटा फूटा हैगा  |  

bhains

एक लड़की   एक भैंस  के सामने गिर गयी .
एक लड़के  ने यह देखकर कहा - "अपनी ताई  के पैर छू रही  हो ?"
लड़की  बोली  - "जी ताऊ जी  !"

bachche

जादूगर - बच्चो, मैं इस रूमाल को जादू से तोता  बनाकर दिखाऊंगा. ताली  बजाओ |
 विपिन (बच्चा )- इसमें कौनसी बड़ी बात सै . म्हारे  मास्टरजी  तो हमें बिना किसी
 जादू के ही रोज मुर्गा बना देवैं सैं ...

सोमवार, 16 दिसंबर 2013

PREMIKA

एक दिन प्रेमिका  ने मौका पाकर अपनी प्रेमी  का मोबाइल चैक  किया कि उसने किस नाम से उसका मोबाइल नंबर सेव किया है.
इसके लिए उसने अपने मोबाइल से प्रेमी  के मोबाइल पर मिस काल किया तो उसमे लिखकर आया -
कालिंग बेकूफ नंबर 4 

JUDGE

एक जज नै कहया : इतना मामूली सा झगड़ा तो थाम  कोर्ट के बाहर भी निपटा सकते थे ।
आरोपियों में तै  एक सैड दे सी बोल्या  : हम कोर्ट के बाहर ही निपटावन लागरे  थे अक  पुलिस हमनै   झगड़ा करने के इलजाम में यहां पकड़ ल्याई ।-- 

MAREEJ AUR DOCTOR

मरीज और डॉक्टर के बीच बात हों रही है 
मरीज : सही सही  बताओ  डॉक्टर साहब, मेरे बचने की कितनी उम्मीद  है ?


डॉक्टर : सौ प्रतिशत! आंकड़े बताते हैं कि इस रोग में दस में से नौ आदमी मरते हैं – और मेरे दस मरीजों में से नौ मर चुके हैं। तुम दसवें हो!

chabi

रमलू    अपने पाँच   साल के लड़के को डॉक्टर के पास ले गया 
रमलू डॉक्टर , देखो नै  मेरे लडके नै  मेरे फ्लैट की चाबी निगल ली है
डॉक्टर - चाबी निगलने के बाद कितना समय हुवा है ?रमलू  - सात  दिन हुवे होगे |
डॉक्टर - क्या? सात  दिनइतने दिन के बाद तुम उसे मेरे पास ला रहे हो?रमलू - वा दुपलिकेट चाबी थी ना    ... वो भी  आज  गुम   हों गयी 

badeshi dikhoon soon

लन्दन  की  यात्रा तैं  लौट कै  आये रमलू  नै  अपनी घराली  तैं  बूझ्या  – “के  मैं विदेशी बरगा दीखूं  हूँ ?”
घराली  – “जमा बी ना  …”
 – “तै फेर  लन्दन मैं  एक औरत क्यों बुझै  थी अक  मैं विदेशी सूँ  अक ------

रविवार, 15 दिसंबर 2013

इसीलिए हम देखते हैं कि आजादी के आन्दोलन के दौरान तरह तरह की  शैक्षिक ,साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्थाएं खड़ी हो  गयी ,जिनके जरिये भारतीय भाषाओँ तथा उनके साहित्य को विकसित करने , लोगों को शिक्षित करने का काम हुआ | फिर उस काम को देश की  आजादी के लक्ष्य से जोड़ा  गया , सब भाषाओँ और विभिन्न संस्कृतियों को जोड़कर एक राष्ट्रीय संस्कृति की  परिकल्पना की गयी और विविधता में एकता की बात की गयी |सामाजिक और सांस्कृतिक समस्याओं  पर   ध्यान देने वाले कितने ही आन्दोलन चले और कितने ही संगठन बने | उदहारण के लिए , भारतीय कम्यूनिष्ट आन्दोलन के साथ साथ प्रगतिशील लेखक संघ और इप्टा ('इंडियन पीपुल्स थियेटर असोसिएसन ' यानि भारतीय नाट्य संघ) जैसी संस्थाएं बनी | इस सबके पीछे यही चेतना काम कर रही थी की मानसिक स्वराज के बिना राजनितिक स्वराज नहीं मिलेगा और मानसिक स्वराज का अर्थ था एक राष्ट्रीय सांस्कृतिक नवजागरण |  जारी है -- 

Dhobi


Gadhe


SHADEE SHUDA