रविवार, 17 अप्रैल 2016

TENSE

अध्यापक --रमलू , बताओ टेन्स कितने प्रकार के होते हैं ?
रमलू --तीन
अध्यापक-- तीनों का एक एक उदाहरण बताओ ।
रमलू -- मैंने कल आपकी बेटी को देखा था 
आज उससे बेहद प्यार करने लगा हूँ 
कल उससे शादी के लिए आपसे मांगने आऊंगा      

शनिवार, 19 सितंबर 2015

के कहूँ ?

के कहूँ ?
रमलू ~ यो किसा खाणा बणा दिया ? कति गोबर जिसा स्वाद सै।
कमली~ (पत्नी) हे भगवान , बेरा ना के के चाख कै देख राख्या सै इस माणस नै !

बाल छोटे करने सैं के ?

बाल छोटे करने सैं के ?
बारबर~ बाल छोटे करने सैं के ? 
रमलू~ फूफा न्यूं बता तूँ बड़े भी कर सकै सै के ?

नीट क्यूँ पीओ सो ?

रमलू अपनी बेटी तैं मिलण गया और साँझ कै दोनों समधी पीवण बैठगे । 
लड़के का बाबू - समधी जी नीट क्यूँ पीओ सो ?
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रमलू -- माहरे आड़ै छोरी के घर का पाणी कोणी पीया करदे ।

रमलू होटल मैं

रमलू होटल मैं 
वेटर~ यउर बिल सर 
रमलू~ टेक माई कार्ड ।
वेटर ~ बट सर दिस इज राशन कार्ड 
रमलू~ तो फेर बाहर के मजाक मैं लिख राख्या सै
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आल कार्ड्स आर एक्सेप्टेड।
ताऊ की सलाह 
एक बार रमलू की भैंस बीमार होगी तै वो ताऊ धोरै गया और भूझया ~ ताऊ थारी भैंस बीमार हुई तो थामनै के करया था ? 
ताऊ~ हमनै तो एक किलो तम्बाकू खवाया था ।
रमलू नै भी एक किलो तम्बाकू खवा दिया । रमलू की भैंस मरगी। वो फेर ताऊ धोरै गया और बोल्या~ ताऊ म्हारी भैंस तो मरगी।
ताऊ ~ म्हारी के जिन्दा रही थी !

बीड़ी सै के ?

रावण ~ बीड़ी सै के ? 
हनुमान ~ कोण्या 
राम ~ झूठ क्यूँ बोले सै!
हनुमान ~ प्रभू बोल चुपके रहो । दस सिर सैं पूरा बण्डल पीज्यागा 

शुक्रवार, 18 सितंबर 2015

Pani Nahin Peete

रमलू  अपनी बेटी तैं  मिलण  गया और साँझ कै दोनों समधी पीवण बैठगे ।
लड़के का बाबू - समधी जी नीट क्यूँ पीओ सो ?
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रमलू -- माहरे आड़ै छोरी घर का पाणी कोणी पीया करदे । 

शनिवार, 15 अगस्त 2015

खून की कोई जात नहीं होती

खून की कोई जात नहीं होती
खून के चार ग्रुप जानती है
साइंस ए, बी, एबी, ओ  में भी 
पोजिटिव ए बी एबी और ओ
नेगेटिव  ए बी एबी और ओ  हैं  
इसके अलावा दहिया का खून
हुड्डा का खून अलग नहीं होता
मलिक के खून में भी यही ग्रुप होते
तो फिर गोत्रों के आधार पर
इतनी मारा मारी क्यों ?
बहुत कोशिश में हूँ समझने की
अब कुछ कुछ समझ आ रहा है ||

मेरे हिस्साब से  हम आज के सन्दर्भ में पुरानी कल्चर के बेहतर पक्षों की नीव पर एक बेहतर सर्वमान्य ग्रामीण कल्चर का विकास करना  चाहते है और जो गंदगी , कूपमंडूकता , पिछड़ापन तथा गैरबराबरी की कुरीतियां थी उनको छोड़ने के लिए नवजागरण के वास्ते सबको मिलकर समाज सुधार को घर घर पहुँचाना होगा । आधुनिकता के नाम पर परोसी जा रही अंध उपभोग्तावादी संस्कृति से भी झूझना होगा । 



साथ तुम्हारा इन्कलाब नारा इस कदर भा गया 
मकसद वीरान जिन्दगी का जैसे फिर से पा गया 
मोम के घरों में बैठे लोग हमारे घर जलाने आये 
जला दिए हमारे मग़र अपने भी ना बचा पाये 
तबाह कर दिया जहान को मुनाफा हमें खा गया 
रास्ता ही गल्त पकड़ा हमें भी उसी पर चलाया है 
स्वर्ग नर्क के पचड़े में तुम्हीं ने हमको  फंसाया है  
भगवान और बाबाओं का खेल समझ में आ गया 
आशा बाबू एक  प्रवचन के कई लाख कमाते हैं 
निर्मल बाबू नकली लोग पैसे दे कर के  बुलाते हैं 
भगवान की आड़ में मुनाफा दुनिया पर छा गया 
जात गौत उंच नीच का नारा हमको अब खा गया 

शनिवार, 9 मई 2015

एक सनकी राजा के पास एक बकरा था। उस बकरे से इतनी तेज बदबू आती थी कि कोई उसके पास एक मिनट भी खड़ा नहीं रह सकता था।

राजा ने सबको कहलवाया: जो इस बकरे के साथ 5 मिनट तक एक कमरे में रहेगा, उसे इनाम मिलेगा।

एक आदमी आया और उसे कमरे में बकरे के साथ बंद कर दिया गया। डेढ़ मिनट बीतते-बीतते वह बाहर निकल आया।

दूसरा आदमी अंदर गया और वह करीब तीन मिनट तक उस बकरे के साथ अंदर रहा और फिर उसे भी न रहा गया।

तीसरे आदमी ने ताल ठोकी, लेकिन 4 मिनट से ज्यादा वह भी नहीं बिता पाया वहां।

राजा ने अब फिर घोषणा करवाई कि क्या कोई ऐसा यहां शूरवीर नहीं, जो इस बकरे के साथ पांच मिनट का वक्त गुजार पाए?

अब रमलू  के दिल को छू गई यह बात और वह उस कमरे में जाने को तैयार हो गया। वह अंदर गया।

एक मिनट गुजरे, फिर तीन मिनट, फिर पांच मिनट, फिर सात मिनट...और इस तरह करते हुए पूरे 12 मिनट गुजर गए। रमलू  की हिम्मत देख सब हैरान थे...

इसी बीच बकरा काफी तेजी से दरवाजा तोड़कर वहां से भागा निकला!!!

do chutkale

एक गधा गिनेस बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड के ऑफिस पहुंचा ताकि पता कर सके के आज भी वह विश्व का सबसे अधिक मूर्ख जानवर रहा कि नहीं। 

ऑफिस से बाहर वह बुरी तरह नाराज होकर यह चिल्लाते हुए निकला कि 

'यो  कमबख्त रमलू  कौन सै  ?'

एक महिला  ने अपनी  शादीशुदा दोस्त से पूछा, भूकम्प कित  सै ? 

दूसरी  दोस्त: सहज बोल भित्तर सै  , ।

सोमवार, 5 जनवरी 2015

Ramloo

ब्याह पाछै
रमलू -इस  दिन का तो मनै बहोत दिन तैं इन्तजार था ।
कमलो - तो मैं जाऊँ ?
रमलू -  ना कति नहीं ।
कमलो - के तूँ मेरे तैं बहोत प्यार करै सै ।
रमलू - हाँ ।  पहलम भी करूँ था , इब्बी करूँ सूँ , अर आगै भी करता रहूंगा ।
कमलो - कदे मेरी गेल्याँ धोखा तो नहीं करैगा ?
रमलू -कति नहीं ।  इस तैँ आच्छा  तो यो होगा अक मैं मरे जाऊं ।
कमलो -- हमेशा प्यार करैगा ना  ?
रमलू -- हमेशा ।
 कमलो - कदे मनै पीटैगा तो नहीं ?
रमलू - ना मैं इसा मानस कोण्या ।
कमलो -- के मैं तेरे पै  भरोसा कर सकूँ सूँ ?
रमलू -हाँ
कमलो --ओह डार्लिंग !
ब्याह के पांच साल पाच्छै --------------
ईब इसनै नीचे तैं ऊपर पढ़ कै  देखो _-

शुक्रवार, 26 दिसंबर 2014

report card

एक बर रमलू  डॉक्टर के पास पहुंचा और बोला: “डॉक्टर अंकल, क्या आपके पास दर्द की दवा है?”

डॉक्टर : “दर्द कहां है?”

रमलू : “जी, अभी तो नहीं है, लेकिन आधे घंटे बाद होज्यागा  जब मेरा बाबू  रिपोर्ट कार्ड देखैगा। ”

OVER TIME

एक बर बस में रमलू साथ खड़ी लड़की पर जानबूझकर गिरने लगा तो  लड़की गुस्से से बोली.
लड़की: क्या करते हो?
रमलू  जी सरकारी नौकरी!
लड़की: लड़कियां छेड़ना सरकारी नौकरी सै ?
 रमलू :नहीं, यह तो मैं ओवर टाइम कररया सूँ । 

दो चुटकले



एक बर गाम मैं  थानेदार आग्या, उस दिन एक भाई की भैंस  किसे का खेत चरगी थी, घना कसूता उल्हाना आया था। उसके घर आले  थानेदार नै  बोले, थानेदार साब इसने डरा धमका कै  ब्याह खातर त्यार कर ल्यो , यो ब्याह तैं  घना डरै  सै ।  थानेदार नै  डरा धमका कै  वो ब्याह क मन्ड्प मैं  बैठन नै त्यार कर दिया। दूजे गाम मैं जिब दुल्हन नै  ब्याह के  मन्ड्प मैँ  ल्याए , तो छोरा बोला “ए बेबे तेरी भैँस  नै  भी किसे का खेत चर लिया था के “?
एक  बै एक साईकल आले नै  एक बुढिया मैं  साईकल भिडा दी। बुढिया बोली “रे  ऊत तूँ  ईतनी बडी बडी मूँछ  ले रया सै , तनै शरम नही आयी  मेरै  टक्कर मारदी”। साईकल आला छोरा बोला, “क्यो ताई मूंछां  मैं  के ब्रेक लाग री सैं ”।

चूंन्ग ली हो तो

एक बर एक मारुती कार आले  नै एक ट्र्क मैं  पाछे तैं  टक्कर मारदी  अर  ट्र्क कै  नीचै  बडग्या। ट्रक  आला ड्रेवर खीड्की माँ  तैं  बोल्या, “अर भाई चूंन्ग ली हो तो बार काढ ले”।

बुधवार, 29 अक्टूबर 2014

निबंध

 निबंध

मास्टरजी  नै छात्रों से कहा कि कल गाय पर निबंध लिखकर ही आना।
 दूसरे दिन मास्टरजी ने पूछा कौन निबंध लिखकर नहीं आया है?
 रमलू  तुम बताओ निबंध लिखा?
रमलू  (छात्र): नहीं लिख पाया मास्टरजी.
मास्टरजी (गुस्से मैं ) : क्यों? और ये हाथ में प्लास्टर कैसे चढ़ गया?

रमलू : वह गाय नहीं सांड लिकड़्या  और उसनै  मेरै जोर की लात मार दी।

तीन फेरे रमलू के


पड़ौसियों  की छोरी के ब्याह में फेरे करवावण खातिर कोई बाहमण ना मिल्या । 
जब कित्तै तैं बाहमण का जुगाड़ ना हुया तै छोरी आळे रमलू नै  ले आये । रमलू  नै फेरे शुरु करवा दिये ।
तीन फेरे होण पाच्छै रमलू  बोल्या - भाइयो, रस्म तै पूरी हो-गी, छोरी की विदा करवाओ ।
छोरे आळे बाराती बोले - जी, फेरे तै सात होया करैं ।
रमलू  बोल्या - भाई, बात इसी सै, जै (अगर) उसनै रुकणा होगा तै तीन फेरयां में भी कित्तै ना जावै ।
 अर जै इसनै भाजणा ए सै, तै चाहे पच्चीस फेरे करवा ल्यो !!

सोमवार, 6 अक्टूबर 2014

हरा साग



एक ताई कै तीन-चार बाळक थे । ताई रोज उन ताहीं हरा साग बणा कै दे देती - कदे सिरसम का, कदे चणे का, कदे बथुए का ।
बाळक बोले - मां, रोज-रोज हरा साग मत बणाया कर, कदे दूसरा भी बणा लिया कर ।
ताई बोल्ली - खाओ चाहे मत खाओ, मैं तै रोज हरा साग ए बणाऊंगी ।
बाळक फेर बोले - इसतैं आच्छ्या तै हामनै गळामा घाल-कै खेत में चरा ल्याया कर !

बटेऊ की हाजर जवाब सास



एक बै एक बटेऊ ससुराल गया । पहले ससुराल में साग-सब्जी, बूरा आदि मैं  तब  तक घी की धार डालते रहते थे जब तक कि मेहमान हाथ आगे कर के "बस, बस" कर के रोकता नहीं था । जब सास बूरा में घी डाल रही थी, तो बटेऊ परे-नै मुंह करकै बैठग्या - कदे "बस-बस" ना करना पड़ जावै ।
पर सासू भी कम चालाक नहीं थी । वो उसका मुंह वापस घी-बूरा की तरफ घुमा कर उसको दिखाती हुई बोली - "रै देख, बटेऊ जितणा तै दिया सै घाल, अर पहलवानी करणी सै तै आपणै घरां जा करिये" !!