शुक्रवार, 8 जुलाई 2016

 कमलू  रमलू तैं -- यार तूँ इतना बड़ा  हो लिया और फेर भी तेरै मूंछ अर दाढ़ी नहीं आयी ?

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.रमलू -- यार मैं बिलकुल अपनी माँ पै  गया सूँ  ना । 
टीचर : बहुत तेज़ हवओ के साथ बारिश हो रही है…!! इसका भविष्य काल बताओ???
 रमलू  : बस ईब लाइट जावण आली सै …!!
धमलो रमलू तैं  : किसी लागूं  सूँ  मैं आज  ???
रमलू  : एक दम प्रियंका चोपड़ा…
धमलो : कौन सी डॉन आली अक  कृष आली…
लड़का : बिल्कुल बरफी आली…
डॉक्टर : कल रात को क्या खाया था??
रमलू  : बर्गर, पिज़्ज़ा और कोक..
डॉक्टर : देखो यह फ़ेसबुक नही है सच बताओ..
रमलू : जी लौकी..

रमलू -- डाक्टर आपणै  तो कह्या था अक गेम खेलण
  
तैं मैं पतला हो  ज्यांगा

 पर मैं तो इब ताहिं मोटा हूँ 

डाक्टर -- कौनसा गेम खेलते हो ?

रमलू -- डाक्टर जी कैंडी क्रश सागा 




रमलू  पेंटिंग खरीदने गया…
सेल्समैन:
यह 10 हजार रुपये की है।
आईल पेंट से बनी हुई है।
रमलू :
पैसों की चिंता मत कर।
देसी घी में कुछ दिखा….!

रमलू …… दिल्ली चला गया
रेलवे स्टेशन पै अखबार आले तैं  बोल्या :-
एक अखबार दिए …
अखबार वाला-हिन्दी या अंग्रेजी का?
रमलू ….. भाई कोईसा दे दे
मनै  तो रोटी लपेटनी सै 
टीचर: थामनै बेरा  सै अक  म्हारे  पूर्वज बान्दर थे?
रमलू : थारे होंगे, महारे तो चौधरी थे।


रमलू  : बापू एक खुशखबरी सै
बापू : के?
रमलू  : तूने कही थी के पास
होग्या तो गाड्डी  दुवाऊँगा
बापू : हाँ
रमलू  : रुपिये बचगे तेरे..
रमलू – कुत्ता आया  सै  जा एक रोटी लिया
धमलो  :– रोटी तो कोन्या 
रमलू  :– तो लठ लिया खाली नहीं  जाण  देवां ।


बुधवार, 27 अप्रैल 2016

डॉक्टर – आपको क्या बिमारी है ?
रमलू  – पहले आप वादा करो की हंसोगे नहीं ।
डॉक्टर – OK…Promise…
रमलू नै अपनी टांगे दिखाई जो माचिस की तीली जितनी पतली थी ।
डॉक्टर को यह देख के हंसी आ गयी ।
रमलू – आपने ना हंसने का वादा करया  था ।
डॉक्टर – अच्छा Sorry…
अब तकलीफ बताओ ।
रमलू – डॉक्टर साहब, यह सूज गयी है ।
डॉक्टर – हाहाहाहा… भाग साले…
तू आया ही हंसाने के लिए है…
हॉस्टल मैं रमलू  अपने दोस्त से:
भाई धोखा हो गया धोखा ;-(
दोस्त:- क्या हो गया…??
रमलू :
घर से बुक्स के लिए पैसे मंगवाए थे,
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घर वालो ने बुक्स ही भेज दी…


बीवी:

बीवी:
जो आदमी रोज शराब पीकै  आवै  उसकी  खातर  मेरे मन में कोई हमदर्दी नहीं सै ..!
रमलू :
जिसनै रोज शराब मिलज्या , उसनै  तेरी  हमदर्दी की जरुरत भी नहीं  सै !!


इस्तरी


एक दिन रमलू आ कै  पडोसी चाचा तैं  बोल्या :“रै  चाचा…. थारी इस्तरी दे दे” चाचा अपनी  लुगाई की ओर इसारा  करकै  बोल्या :“ले जा… वा बैठी।।”रमलू  चुप चाप देखन लाग्या और बोल्या ..“चाचा यो नहीं.. कपडे हाली चाहिये ।।”चाचा  बोल्या :“रै  बावले , या तनै बगैर कपड़याँ  की दीखे है के।।”रमलू  गुस्से  मैं  चीख्या “रै  चाचा.. तू बावला  ना बनै .. करंट ह़ाली इस्त्री चाहिए . करंट हाली…” चाचा भी उछलकै  बोल्या ,“बावली पूँछ…. हाथ तो ला कै  देख..करंट ना मारै , फेर बात करीए!!!”


रविवार, 17 अप्रैल 2016

शराब की लत से परेशान रमलू   डॉक्टर के पास गया और बोला,
“डॉक्टर साहब मेरी शराब छुडाओ।”
डॉक्टर ने पूछा: रोजाना कितनी पीते हो?
रमलू : चार पैग!!
डॉक्टर बोला: धीरे-धीरे एक पैग कम कर दो, शराबी एक हफ्ते बाद डॉक्टर के पास पहुंचा!
डॉक्टर ने पूछा: अब कितनी शराब पीते हो?
रमलू  ने जवाब दिया: तीन पैग।
डॉक्टर ने कहा: अब एक पैग और कम कर दो… दो हफ्ते बाद शराबी फिर डॉक्टर के पास गया।
डॉक्टर ने पूछा: अब कितनी पीते हो मेरे भाई??!!
रमलू  बोला: सर दो पैग!!
डॉक्टर ने बोला: बस अब एक पैग और कम कर दो..!!
 रमलू ने उदास होकर जवाब दिया: सॉरी डॉक्टर साहब पूरी बोतल को एक पैग में तो नहीं खत्म कर सकता मैं!!
रमलू इलाज के लिए डॉक्टर के पास गया।
डॉक्टर : अगर भीड़-भाड़ से दूर रहेंगे तो
जल्दी ठीक हो जाएंगे।
रमलू  : के करूँ  डॉक्टर साहब अपने पेशे तैं  मजबूर सूँ ।
डॉक्टर : ऐसा क्या करते हैं आप?
रमलू : जी दरअसल मैं जेबकतरा सूँ ।
आपरेशन के बाद रमलू  बोला:-
“डाक्टर साहब,
क्या अब मैं रोग मुक्त हूँ?”
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सामने से जवाब मिला:- “बेटा,
डाक्टर साहब तो धरती पर ही रह गए,
मैं तो चित्र गुप्त  हूँ ।
दीवार पर लिखा था…
“यहां कुत्ते सुसु करते हैं!”
रमलू  ने वहां सुसु किया और
फिर हंस कर बोला:
इसे कहते हैं दिमाग…
सुसु मैंने किया और नाम कुत्ते का आएगा
कुटिल वचन सबतें बुरा, जारि करै सब छार।
साधु वचन जल रूप है, बरसै अमृत धार।।
संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि कटु वचन बहुत बुरे होते हैं और उनकी वजह से पूरा बदन जलने लगता है। जबकि मधुर वचन शीतल जल की तरह हैं और जब बोले जाते हैं तो ऐसा लगता है कि अमृत बरस रहा है।

तेरे लिए मेरी क्या क़ीमत सै


तेरे लिए मेरी क्या क़ीमत सै !!

रमलू  नै  माँ तैं  कहया …….
तेरे लिए मेरी के  क़ीमत सै ।
माँ बोली …….
बेटा तू लाखो मै नहीं करोड़ो मैं सै ।
रमलू  बोला माँ तैं …..
करोड़ मां  तैं  200 रु दे दे नेट पैकेज  डलवाणा  सै …..
माँ ---दे थप्पड़…….दे थप्पड़ …..दे थप्पड़।