बस मैं रमलू बैठया था अर उसके गेल्याँ कई बालक भी थे ।कंडक्टर आया अर बोल्या- टिकट। रमलू- ले एक टिकट दे दे। कंडक्टर - एक क्यांकि आधी जनेत गैल लेरया अर। जनेत मैं जाकै सारयां का रपिया ग्लास मांगैगा। रमलू नै शांत भाव तैं जवाब दिया - भाई टिकट तै एकै देदे पर जै ये थारै जनेती आज्यां तै जनेती रपिया ग्लास मतना दिए ।
मंगलवार, 13 सितंबर 2016
जनेती रुपैया
बस मैं रमलू बैठया था अर उसके गेल्याँ कई बालक भी थे ।कंडक्टर आया अर बोल्या- टिकट। रमलू- ले एक टिकट दे दे। कंडक्टर - एक क्यांकि आधी जनेत गैल लेरया अर। जनेत मैं जाकै सारयां का रपिया ग्लास मांगैगा। रमलू नै शांत भाव तैं जवाब दिया - भाई टिकट तै एकै देदे पर जै ये थारै जनेती आज्यां तै जनेती रपिया ग्लास मतना दिए ।
सोमवार, 22 अगस्त 2016
बुधवार, 3 अगस्त 2016
एक बार रमलू सपनै मै
टमाटरां की रेहड़ी लगा रह्या था !!
तो एक आदमी बोल्या :- हा भाई टमाटर के भा दिए !
रमलू बोल्या :- 30 रपिए किलो !
आदमी बोल्या :- ना भाई 25 रपिए ला ले !!
रमलू बोल्या :- ना भाई 30 तै एक रपिया कम नहीं लयूं !!
आदमी बोल्या भाई 25 दयुन्गा !
रमलू बोल्या :-30 लयूँगा !
.*********************
नयों करते करते रमलू की आँख खुलगी !
रमलू नै बराबर मैं देखा तो किम्मे नही पाया !!
वो उल्टा ए आँख बंद करके बोल्या :- लया भाई 25 ए देदे !!
समझगे होंगे आज का सन्दर्भ भी
टमाटरां की रेहड़ी लगा रह्या था !!
तो एक आदमी बोल्या :- हा भाई टमाटर के भा दिए !
रमलू बोल्या :- 30 रपिए किलो !
आदमी बोल्या :- ना भाई 25 रपिए ला ले !!
रमलू बोल्या :- ना भाई 30 तै एक रपिया कम नहीं लयूं !!
आदमी बोल्या भाई 25 दयुन्गा !
रमलू बोल्या :-30 लयूँगा !
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नयों करते करते रमलू की आँख खुलगी !
रमलू नै बराबर मैं देखा तो किम्मे नही पाया !!
वो उल्टा ए आँख बंद करके बोल्या :- लया भाई 25 ए देदे !!
समझगे होंगे आज का सन्दर्भ भी
सोमवार, 11 जुलाई 2016
कमलू- यार यू रामदेव बाबा आला नूडल्स खरीदया सै ,
इसनै खाऊं क्यूकर ?
इसनै खाऊं क्यूकर ?
रमलू --
एक नाक बंद करकै दूसरी नाक तैं भीतर नै खींचिये
एक नाक बंद करकै दूसरी नाक तैं भीतर नै खींचिये
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ट्रैफिक इंस्पेक्टर रमलू नेशनल हाईवे पै एकला अपनी मोटरसाइकल पे बैठया था…!
उसे बख्त दिल्ली कांही तैं आंती हुयी एक कार नै बॉर्डर क्रॉस करया …!!
रमलू नै रुकण का इशारा करया …
और जब कार रुकी तो टहलता हुआ ड्राइवर की खिड़की पर दस्तक दिया…!
और जब कार रुकी तो टहलता हुआ ड्राइवर की खिड़की पर दस्तक दिया…!
एक नवयुवक जो गाड़ी चला रहा था…
उसने शीशा नीचा कर सिर बाहर निकाल कर पूछा:
“क्या बात है इंस्पेक्टर…?”
उसने शीशा नीचा कर सिर बाहर निकाल कर पूछा:
“क्या बात है इंस्पेक्टर…?”
रमलू नै एक झापड़ उसके गाल पर रसीद किया…
युवक: “अरे, मारा क्यों…?”
रमलू : “जब हरियाणा पुलिस का ट्रैफिक इंस्पेक्टर रमलू किसी गाड़ी को रुकण खातर कहता है…
तो ड्राइवर को गाड़ी के कागजात अपने हाथ मैं पकड़ें हुये होणा चाहिए…!”
युवक: “अरे, मारा क्यों…?”
रमलू : “जब हरियाणा पुलिस का ट्रैफिक इंस्पेक्टर रमलू किसी गाड़ी को रुकण खातर कहता है…
तो ड्राइवर को गाड़ी के कागजात अपने हाथ मैं पकड़ें हुये होणा चाहिए…!”
युवक: “सारी इंस्पेक्टर…….
मैं पहली बार हरियाणा आया हूँ….!”
मैं पहली बार हरियाणा आया हूँ….!”
फिर उसने ग्लव कंपार्टमेंट से पेपर्स निकाल कर दिखाये..!
रमलू नै पेपर्स का मुआयना किया फिर बोल्या :
“ठीक सै ….राख ले ….!”
“ठीक सै ….राख ले ….!”
फिर घूमकर पैसेन्जर सीट की ओर गया और शीशा ठकठकाया…!!
पैसेन्जर सीट पर बैठा दूसरा युवक शीशा गिराकर सिर बाहर निकाल कर पूछा :-
“हाँ बोलिए….?”
“हाँ बोलिए….?”
तड़ाक…!
एक झापड़ रमलू नै उसकै भी जड़ दिया ..!
एक झापड़ रमलू नै उसकै भी जड़ दिया ..!
“अरे ….! मैंने क्या किया …?”
रमलू : “या तेरी हेकड़ी तारण की खातर …!”
युवक:- “पर मैंने तो कोई हेकड़ी नहीं दिखाई…?”
रमलू :- “इबै नहीं दिखाई, पर मैं जानूँ सूँ ….
एक किलोमीटर आगै जाकै तूँ अपने दोस्त तैं कैहन्ता --
“ओ दो कौड़ी का इंस्पेक्टर मेरै मारता …. तो बताता उसनै ….!”
एक किलोमीटर आगै जाकै तूँ अपने दोस्त तैं कैहन्ता --
“ओ दो कौड़ी का इंस्पेक्टर मेरै मारता …. तो बताता उसनै ….!”
शनिवार, 9 जुलाई 2016
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