शनिवार, 21 अप्रैल 2012

एक हरयाणवी पुलिस आफिसर के घरां चोर चोरी करण लागरे थे 
आफिसर की घर आली की आंख खुलगी 
घर आली --उठो जी घर मैं चोरी होण लागरी सै 
पुलिस आफिसर --मनै सोवन दे | मैं इस बखत ड्यूटी पर कोन्या |
एक ब़र एक ताऊ ठण्ड मैं कसूती तरियां कांपन लाग रहया | रजाई तैं भी कंपकंपी ठीक ना हुयी | उसके छोरे नै डाक्टर ताहीं फोन करया |
डाक्टर ---के हुया ताऊ कै?
छोरा -- डाक्टर साहब बीमारी का तो बेरा ना पर बाबु तडके तैं वाई ब्रेसन मोड पर लाग रया सै

रमलू --- ये लोग बाल कै पैर तैं ठोकर क्यूं मारें सै ?

ठमलू ----गोल करण की खातर

रमलू : पर बाल तै पहलम ऐ गोल सै और कितनी गोल करेंगे 
                                                                                   
एक बार एक शराबी एक बाबाजी तैं टकराग्या .

बाबाजी --- मैं तनै श्राप देता हूँ 

शराबी ---डट बाबाजी यु आया गिलास्सी लेकै
भिखारी --- कुछ खावन नै दे दयो 

पंडित जी ----टमाटर खाओ 

भिखारी : रोटी दयो बाबा 

पंडित जी -- टमाटर खाओ 

भिखारी --- ले टमाटर ए खवा दयो 

पंडित जी कि घरवाली ----ये तोतला बोलता है कह रहा है कमाकर खाओ |
एक ट्रेन बहोत वार पाछै चली 
इमरान -- या अली बला टली 
रमलू--- जै बजरंग बली 
सोहन सिंह --- ओये खाली ट्रेन अपनी नहीं नाल वाली चली !!!!!
रमलू -- इतने कम नंबर ? दो थपड मरने चाहियें |
रमलू का बेटा --- हाँ बाबू , चालो मैंने उस सुस्त मास्टरजी का घर भी देख राख्या सै
डाक्टर ---थारा अर थारे घर आले का ब्लड गरूप एकै सै |
महिला --- होगा , जरूर होगा ; २५ साल तै मेरा खून जो पीवन लागरया सै |
रमलू की दो किले धरती बिकी थी | सेंटरो कार खरीद ली 
एक दिन चल्या कार मैं बैठ कै | सड़क पै एक चौंक आया | रेड लाइट होरी थी |
दाब दिया पंजा अर रेड लाइट कर दी पार |
पुलिस मैन नै रोक लिया भाई रमलू अर बोल्या -- या रेड लाइट नहीं दीखी के ?
रमलू बोल्या -- साहब रेड लाइट तो नजर आयी फेर थाम नजर कोनी आये
मैं तो लुट ज्यांगा 
एक हरयाणवी किसान हिंदुस्तान टाइम्स के दफ्तर मैं आया एक ऐड ले कै आया अपने पिता जी की मौत के बारे मैं |
ऐड के रेट सिगल कोलम एक सेंटीमीटर के ३६० रपईये सें --दफ्तर के क्लार्क नै बताया |
मैं तो लुट जाऊँगा !!! तबाह हो ज्यांगा -- हरयानवी चिलाया |
मेरा बाबू तो १८२ सेंटीमीटर का था |
विह्स्की रिस्की 
हरयाणा की बस के पाछै लिख राख्या 
जाट रिस्की आफ्टर विह्स्की
चुटकला 
नए साल की पार्टी पै रमलू कमलू कैड मुडया अर बोल्या ---एक सिगरेट दिए |
कमलू नै कहया -- मैं तो न्यूं सोचूँ ठा अक नए साल मैं कसम खावैगा अक बीडी सिगरेट नहीं पीनी |
रमलू बोल्या -- छोडन के जुगाड़ मैं सूँ | फेज वन चालू होरी सै |
कमलू - या फेज वन के बला सै ?
मनै खरीद कै पीनी छोड़ दी -- रमलू नै जवाब दिया
पति – सुनती हो जी, आज भरी बस में मेरा अपमान हुआ !

पत्नी– कैसे ?

पति – जैसे ही मैं उतरने लगा तो मेरे पीछे से कंडक्टर ने कहा – “अब तीन सवारी इस सीट पर बैठ जाएं …”
लन्दन की यात्रा तैं लौट कै आये रमलू नै अपनी घराली तैं बूझ्या – “के मैं विदेशी बरगा दीखूं हूँ ?”

घराली – “जमा बी ना …”

संता – “तै फेर लन्दन मैं एक औरत क्यों बुझै थी अक मैं विदेशी सूँ अक ------
एक मोबाइल कंपनी के सेल्समैन कै दस्त लाग गे . वो सीधा डॉक्टर के 

धोरै गया अर उसनै अपनी तकलीफ कुछ यूँ बयां करी -

“डॉक्टर साहब, सुबह से ही अनलिमिटेड आउटगोइंग चाल री सै |…

भित्तर तैं से नई-नई रिंगटोन सुनाई देवैं सें…

पेट में बेंलैंस भी खत्म हो लिया सै …

छोटा रिचार्ज भी करूँ सूँ तो पाँच मिनट मैं ए डिस्चॉर्ज हो ज्या सै ---

मेहरबानी करकै इस स्कीम नै किसे भी तरियां बंद करदयो |
रमलू ---”डॉक्टर साहब, क्या आपको यकीन सै अक मुझे मलेरिया ही है ? दरअसल मैंने एक मरीज के बारे में पढ़या था कि डॉक्टर उसका मलेरिया का इलाज करते रहे अर आखिर मैं जब वह मरया तो पता चला कि उसे टायफाइड था।”

डाक्टर -- रमलू !चिन्ता मत करो, मेरे साथ ऐसा नहीं होगा। अगर मैं किसी का मलेरिया का इलाज करूंगा तो वह मलेरिया से ही मरेगा।”

रमलू सुनते की साथ चादर ठा कै सिर पै पां टेक कै भाज लिया
,रमलू नै बाबू ताहीं कहया, ”डॉक्टर नै कहया था अक दो हफ्ते मैं मनै पैरों पै खड़या कर देगा।”
बाबू बेटा रमलू के वो कर पाया ?”
”हां, बाबू उसका बिल भुगतान की खातर मनै अपनी कार जो बेचनी पड़ी बाबू |
--
मास्टरजी - बताओ बच्चो कि छोरी की शादी 18 साल बाद अर छोरे की 21 साल बाद क्यों करनी चाहिए ?

.एक छोरा – क्योंकि छोरा बड़ा और छोरी छोटी होनी चाहिए ?

एक छोरी - नहीं बेवकूफ, क्योंकि छोरी नै अक्ल 18 साल बाद अर छोरे नै 21 साल बाद आवै सै … !!!

एक बै थमिए

एक बै थमिए 
एक बार की बात अक रमलू गली मैं साईकल लेरया और तावला तावला पाहयाँ पाहयाँ जावन लागरया |
उसके दोस्त ठमलू नै पाछे तैं रूका मारया --- रै रमलू थामिए एक बै ! तेरे तै कुछ काम सै | रमलू नै बिना पाछै मुड़ कैं देखें कहया ----रुकन नै टेम होन्दा तो मैं साईकल पै नी चढ़ लेनदा ठमलू !!!
तेरी ख़ाल तरवाऊँगा 
रमलू सते हर के बाग़ मैं रोज आम चोरी कर कै लियान्दा अर रजबाहे के पुल बै बैठ कै मौज तै खानदा | सते उसतैं बहोत तंग आ ग्या | एक दिन सते नै वो मौके पै ए पाकड़ लिया अर बोल्या -- चाल घरां चाल कै तेरे बाबू धोरै तेरी जम कै पिटाई करवाऊँगा | रमलू सते तैं बोल्या --- घरां जावन की के जरूरत सै ? सते बोल्या और के चोरी बी करै अर सीना जोरी बी करै| चाल घरां तेरे बाबू धोरै | रमलू बोल्या -- घरां जावन की के जरूरत सै ? सते-- क्यूं ? वो मेरा बाबू तो थारले उस अमरुद के पेड़ पै चढ़ कै अमरुद तोड़न लाग रया सै!!