सोमवार, 30 अप्रैल 2012

andhi

आंधी चल रही ये नहीं थमीं यारो 
रात की गर्द मेरे चेहरे पे जमीं यारो 
कुछ ठूंठ खड़े हैं कहीं कहीं मेरे जैसे 
कुछ उखड़े पड़े हैं कहीं तुम्हारे जैसे 
हम सब बेचें हैं इसके थपेड़े खाकर 
तुम बैठ गये अपने महलों में जाकर 
यह आंधी आज किसे साल रही देखो 
झोंपड़ी इधर उधर उछाल रही देखो

janwar

GIN LENE DE

एक बार रमलू की घर आली चांदो रमलू तीं बोली -- अपने ब्याह नै घने ए साल होगे | आज तो थाम मने एक बात साच्ची साच बताओ 
|रमलू बोल्या -- कौनसी बात ? चांदो बोली -- थाम मने नयों बता दयो अक ब्याह तैं पहलम थारा कितनी छोरीयाँ तैं याराना था ?
या बात सुन कै रमलू एक दम चुप होग्या अर घनी ए वार ताहीं कोन्या बोल्या | 
रमलू नै चुप देख कै चांदो बोली -- तेरी बोलती बंद क्यां तैं होगी ? रमलू बोल्या -- चुप होज्या पहल्यां गिन लेन दे |

samjhoon soon

एक गुजराती बाबू के २ बालक थे |रमलू अर कमलू |
रमलू -- पापा , कमलू आपको गधे की बराबर बी कोनी समझता 
कमलू- नहीं पापा , यूं झूठ बोलै सै | मैं तो समझूं सूँ |

bharosa

मखौलिया बनिया -भगवान जै तूं मने १०० रपईये दे दे तो ५० मैं मंदिर मैं चढ़ा द्यूंगा |
थोड़ी सी वार मैं जब वो थोड़ी सी दूर गया तो ५० रपईये पागे|
मखौलिया बनिया बोल्या--वह रै राम जी ,इतना बी भरोषा कोनी करया अपने रपईये पहल्में काट लिए तनै

रविवार, 22 अप्रैल 2012

रमलू नै अपना गधा बेचना था . रमलू नै अपने सारे दोस्तों को एस ऍम एस करया ---थामनै कदे किसे गधे की जरूरत हो तो मनै याद कर लियो |
रमलू की घरआली कै एक छोरा पैदा हुया |
पैदा होंते की साथ वो नर्स नै बोल्या -- मो बा इल लेरी सै के??
नर्स बोली -- क्यूं के करेगा मो बा इल का ?? 
छोरे नै अंगड़ाई सी ली अर बोल्या --मेरी दोस्त को एक एस ऍम एस करना था |
रमलू नै अपने दोस्त ताहीं कहया -- देख वा छोरी मनै देख कै हँसन लागरी सै |

ठ्मलू नै जवाब दिया --जब मनै तूं पहली बरियाँ देख्या था तो तीन दिन ताहीं अपनी हांसी कोनी रोक पाया था |
एक गाम की नटखट छोरी डाकघर मैं मनी आर्डर करवान गयी |

पोस्ट मास्टर --मैडम यो नोट तो पाट्या औड सै | इसनै बादल दे |

नटखट छोरी बोली -- मैं अपनी मम्मी नै पीसे भेज री सूँ | फट या औड नोट भेजूं कै नया थामनै के फरक पड़े सै ?
बोस -- तुम्हें ड्राइवर की जॉब दे रहा हूँ | स्टार्टिंग सैलरी २००० रूपैये | ठीक सै ना 

हरयाणवी डॉ इवर -- यु आर ग्रेट सर ! गाड्डी स्टार्ट करने की सैलरी तै ठीक सै ---बट?? गाड्डी चलावन की सैलरी कितनी सै???

शनिवार, 21 अप्रैल 2012

एक हरयाणवी पुलिस आफिसर के घरां चोर चोरी करण लागरे थे 
आफिसर की घर आली की आंख खुलगी 
घर आली --उठो जी घर मैं चोरी होण लागरी सै 
पुलिस आफिसर --मनै सोवन दे | मैं इस बखत ड्यूटी पर कोन्या |
एक ब़र एक ताऊ ठण्ड मैं कसूती तरियां कांपन लाग रहया | रजाई तैं भी कंपकंपी ठीक ना हुयी | उसके छोरे नै डाक्टर ताहीं फोन करया |
डाक्टर ---के हुया ताऊ कै?
छोरा -- डाक्टर साहब बीमारी का तो बेरा ना पर बाबु तडके तैं वाई ब्रेसन मोड पर लाग रया सै

रमलू --- ये लोग बाल कै पैर तैं ठोकर क्यूं मारें सै ?

ठमलू ----गोल करण की खातर

रमलू : पर बाल तै पहलम ऐ गोल सै और कितनी गोल करेंगे 
                                                                                   
एक बार एक शराबी एक बाबाजी तैं टकराग्या .

बाबाजी --- मैं तनै श्राप देता हूँ 

शराबी ---डट बाबाजी यु आया गिलास्सी लेकै
भिखारी --- कुछ खावन नै दे दयो 

पंडित जी ----टमाटर खाओ 

भिखारी : रोटी दयो बाबा 

पंडित जी -- टमाटर खाओ 

भिखारी --- ले टमाटर ए खवा दयो 

पंडित जी कि घरवाली ----ये तोतला बोलता है कह रहा है कमाकर खाओ |
एक ट्रेन बहोत वार पाछै चली 
इमरान -- या अली बला टली 
रमलू--- जै बजरंग बली 
सोहन सिंह --- ओये खाली ट्रेन अपनी नहीं नाल वाली चली !!!!!
रमलू -- इतने कम नंबर ? दो थपड मरने चाहियें |
रमलू का बेटा --- हाँ बाबू , चालो मैंने उस सुस्त मास्टरजी का घर भी देख राख्या सै
डाक्टर ---थारा अर थारे घर आले का ब्लड गरूप एकै सै |
महिला --- होगा , जरूर होगा ; २५ साल तै मेरा खून जो पीवन लागरया सै |
रमलू की दो किले धरती बिकी थी | सेंटरो कार खरीद ली 
एक दिन चल्या कार मैं बैठ कै | सड़क पै एक चौंक आया | रेड लाइट होरी थी |
दाब दिया पंजा अर रेड लाइट कर दी पार |
पुलिस मैन नै रोक लिया भाई रमलू अर बोल्या -- या रेड लाइट नहीं दीखी के ?
रमलू बोल्या -- साहब रेड लाइट तो नजर आयी फेर थाम नजर कोनी आये
मैं तो लुट ज्यांगा 
एक हरयाणवी किसान हिंदुस्तान टाइम्स के दफ्तर मैं आया एक ऐड ले कै आया अपने पिता जी की मौत के बारे मैं |
ऐड के रेट सिगल कोलम एक सेंटीमीटर के ३६० रपईये सें --दफ्तर के क्लार्क नै बताया |
मैं तो लुट जाऊँगा !!! तबाह हो ज्यांगा -- हरयानवी चिलाया |
मेरा बाबू तो १८२ सेंटीमीटर का था |
विह्स्की रिस्की 
हरयाणा की बस के पाछै लिख राख्या 
जाट रिस्की आफ्टर विह्स्की
चुटकला 
नए साल की पार्टी पै रमलू कमलू कैड मुडया अर बोल्या ---एक सिगरेट दिए |
कमलू नै कहया -- मैं तो न्यूं सोचूँ ठा अक नए साल मैं कसम खावैगा अक बीडी सिगरेट नहीं पीनी |
रमलू बोल्या -- छोडन के जुगाड़ मैं सूँ | फेज वन चालू होरी सै |
कमलू - या फेज वन के बला सै ?
मनै खरीद कै पीनी छोड़ दी -- रमलू नै जवाब दिया
पति – सुनती हो जी, आज भरी बस में मेरा अपमान हुआ !

पत्नी– कैसे ?

पति – जैसे ही मैं उतरने लगा तो मेरे पीछे से कंडक्टर ने कहा – “अब तीन सवारी इस सीट पर बैठ जाएं …”
लन्दन की यात्रा तैं लौट कै आये रमलू नै अपनी घराली तैं बूझ्या – “के मैं विदेशी बरगा दीखूं हूँ ?”

घराली – “जमा बी ना …”

संता – “तै फेर लन्दन मैं एक औरत क्यों बुझै थी अक मैं विदेशी सूँ अक ------
एक मोबाइल कंपनी के सेल्समैन कै दस्त लाग गे . वो सीधा डॉक्टर के 

धोरै गया अर उसनै अपनी तकलीफ कुछ यूँ बयां करी -

“डॉक्टर साहब, सुबह से ही अनलिमिटेड आउटगोइंग चाल री सै |…

भित्तर तैं से नई-नई रिंगटोन सुनाई देवैं सें…

पेट में बेंलैंस भी खत्म हो लिया सै …

छोटा रिचार्ज भी करूँ सूँ तो पाँच मिनट मैं ए डिस्चॉर्ज हो ज्या सै ---

मेहरबानी करकै इस स्कीम नै किसे भी तरियां बंद करदयो |
रमलू ---”डॉक्टर साहब, क्या आपको यकीन सै अक मुझे मलेरिया ही है ? दरअसल मैंने एक मरीज के बारे में पढ़या था कि डॉक्टर उसका मलेरिया का इलाज करते रहे अर आखिर मैं जब वह मरया तो पता चला कि उसे टायफाइड था।”

डाक्टर -- रमलू !चिन्ता मत करो, मेरे साथ ऐसा नहीं होगा। अगर मैं किसी का मलेरिया का इलाज करूंगा तो वह मलेरिया से ही मरेगा।”

रमलू सुनते की साथ चादर ठा कै सिर पै पां टेक कै भाज लिया
,रमलू नै बाबू ताहीं कहया, ”डॉक्टर नै कहया था अक दो हफ्ते मैं मनै पैरों पै खड़या कर देगा।”
बाबू बेटा रमलू के वो कर पाया ?”
”हां, बाबू उसका बिल भुगतान की खातर मनै अपनी कार जो बेचनी पड़ी बाबू |
--
मास्टरजी - बताओ बच्चो कि छोरी की शादी 18 साल बाद अर छोरे की 21 साल बाद क्यों करनी चाहिए ?

.एक छोरा – क्योंकि छोरा बड़ा और छोरी छोटी होनी चाहिए ?

एक छोरी - नहीं बेवकूफ, क्योंकि छोरी नै अक्ल 18 साल बाद अर छोरे नै 21 साल बाद आवै सै … !!!

एक बै थमिए

एक बै थमिए 
एक बार की बात अक रमलू गली मैं साईकल लेरया और तावला तावला पाहयाँ पाहयाँ जावन लागरया |
उसके दोस्त ठमलू नै पाछे तैं रूका मारया --- रै रमलू थामिए एक बै ! तेरे तै कुछ काम सै | रमलू नै बिना पाछै मुड़ कैं देखें कहया ----रुकन नै टेम होन्दा तो मैं साईकल पै नी चढ़ लेनदा ठमलू !!!
तेरी ख़ाल तरवाऊँगा 
रमलू सते हर के बाग़ मैं रोज आम चोरी कर कै लियान्दा अर रजबाहे के पुल बै बैठ कै मौज तै खानदा | सते उसतैं बहोत तंग आ ग्या | एक दिन सते नै वो मौके पै ए पाकड़ लिया अर बोल्या -- चाल घरां चाल कै तेरे बाबू धोरै तेरी जम कै पिटाई करवाऊँगा | रमलू सते तैं बोल्या --- घरां जावन की के जरूरत सै ? सते बोल्या और के चोरी बी करै अर सीना जोरी बी करै| चाल घरां तेरे बाबू धोरै | रमलू बोल्या -- घरां जावन की के जरूरत सै ? सते-- क्यूं ? वो मेरा बाबू तो थारले उस अमरुद के पेड़ पै चढ़ कै अमरुद तोड़न लाग रया सै!! 
चोरी की शिकायत कर आये लाला जी के पास हवलदार तहकीकात करने आया तो उसकी दूकान पे राखी बालूशाही खाते हुए बोला—बोल लाला के के नुकसान होया? लाला जी बालूशाही खाते हवलदार से बोले—दीवान जी नुकसान तो इब्बे होणे लाग रह्या सै!
एक टरडू देहाती कहीं गया. सामने वाला बोला’ आओ आओ ‘ वह बोला, ‘ मैं के बांदर सूं जो आओ आओ कर रह्या सै’ सामने वाला बोला, रै पानी ल्याओ चौधरी खातर’ तो वो बोला, ‘ क्यूं पानी मैं के पैनचर देखैगा’ अब इनका क्या करे कोई !
एक कंजूस बीडी सुलगाने के लिए माचिस मांग रहा था. एक से, दुसरे से, तीसरे से, किसी से नहीं मिली तो अपनी जेब में हाथ डालते हुए बोला—ईब तै अपनी-ऐ काढ्नी पड़ैगी!
क्यूकर बेरा पाट्या

एक बार रमलू अपने मास्टरजी तैं बोल्या ," मास्टर जी , आज मनै म्हारे घरां पाँच माख्खी मारी जिनमाँ तैं तीन तो मादा थी अर दो नर माख्खी थी | मास्टर जी एक बार तो सोच मैं पड़ ग्या फेर बोल्या , " ओ रमलू एक बार नयों तो बता अक तनै क्यूकर बेरा लाया अक मादा कौनसी सै अर नर कौनसी सें ? रमलू सैड दे सी बोल्या -- मास्टरजी तीन माक्खी तो शीशे के साहमी बैठी थी अर दो सिगरेट की डिब्बी पर बैठी थी |"
पानीपत स्टैंड पर बस खडी थी अर उस पर लिख राख्या था चंडीगढ़ से सोनीपत पर उसका ड्राइवर रुके देरया देल्ही देल्ही | 
एक सवारी नै बूझ्या -- इस पर तो सोनीपत लिख राख्या सै |
कंडक्टर फेर बोल्या --- देल्ही देल्ही |
सवारी नै फेर बूझ्या -- सोनीपत लिख राख्या सै बोर्ड पर तो |
कंडक्टर बोल्या -- तनै बोर्ड पै बैठ कै जाना सै अक बस मैं बैठ कै जाना सै ?
बिना ड्राइवर 
एक पियक्कड़ हरयाणवी डी टी सी की डब्बल डैक्कर मैं बैठ लिया | 
ड्राइवर के धोरै बोनट पै जमग्या| बातूनी इतना अक दस मिनट मैं बोर कर दिया ड्राइवर | ड्राइवर नै पैंडा छुड्वावन की खातर कहया अक जा उप्पर आली मैं जा कै बैठ ज्या वहां खुली हवा सै | 
हरयाणवी उप्पर गया फेर तावला ए उल्टा आ लिया | 
दुखी ड्राइवर नै बूझ्या - के बात हुई ? मजा नहीं आया उप्पर ?
हरयाणवी बोल्या -- ना कोनी मजा आया उप्पर मने तो | बल्कि डर लाग्या मनै तो | उप्पर कोए ड्राइवर कोन्या नजर आया | ड्राइवर बिना चलै थी कोए बात हुई भला !!
एक गामोली जाट 
ओ बी सी के कोटे मैं मंडल कमीशन के हिसाब तैं कौन कौन सी कौम


 शामिल होनी चाहियें इस पर गरमा गरम बहस होवण लागरी थी |
 
एक गामोली जाट बी था बहस मैं ---वो बोल्या म्हारी कौम बी बैकवर्ड 



क्लास मैं होनी चाहिए |


एक और नै बूझ्या -- कारण बता | जस्टिफिकेसन दे भाई |
 
गामोली जाट बोल्या -- या तो बहोत सीधी पाधरी दो हर्फी बात सै अक जो


फॉरवर्ड कोन्या वो बैकवर्ड सै |
रमलू थमलू   नै  हिंदी का होम वर्क कोनी करया |हिंदी के अध्यापक नै उनको पेड़ पर उल्टा लटकाने की सजा दे दी .| 
थोड़ी देर लटकने के बाद रमलू नीचै पड़ग्या | 
हिंदी अध्यापक -- थक लिया के ?
रमलू -- थक्या कोनी | पूरा पाक लिया |
.छोटा गुजराती बोल्या -- रात नै मैं एक चोर नै चाकू दिखा कै लूट लिया | 
रमलू --- न्यूं क्यूकर ? तेरे धोरै तो गन हुया करै? 




छोटा गुजराती बोल्या--- व तो मनै ल्ह्कोली थी अक कदे बन्दूक नै भी ना लूट ले |

HIMMAT

बॉय फ्रैंड नै गर्ल फ्रैंड ताहीं कहया -- मैं तेरे तैं जब ब्याह करूंगा जब तूं कोए हिम्मती काम करकै दिखावैगी |
 गर्ल फ्रैंड -- तेरे तैं ब्याह करण तैं हिम्मती काम और के हो सकै सै ?