मंगलवार, 25 सितंबर 2012
रविवार, 23 सितंबर 2012
ANDA AUR SATE
अंडा अर सते
एक ग्राहक नै अंडे बेचन आले सते तै बूझ लिया ," के तनै कदे सोच्या सै अक इस अंडे महां तैं बच्चे लिकडें क्यूकर सें ? सते बोल्या, " हाँ सोच्या तो सै | इस बात पर मनै अचरज भी होवै सै अक यो बच्चा अंडे कै भीतर बडै क्यूकर सै ?
एक ग्राहक नै अंडे बेचन आले सते तै बूझ लिया ," के तनै कदे सोच्या सै अक इस अंडे महां तैं बच्चे लिकडें क्यूकर सें ? सते बोल्या, " हाँ सोच्या तो सै | इस बात पर मनै अचरज भी होवै सै अक यो बच्चा अंडे कै भीतर बडै क्यूकर सै ?
SHESHE KA GHAR
रमलू नै अपने पडौसी पर रौब गाँठतें हुए कहया ," जिसका घर शीशे का हो सै ---------|"
वो खिडकियां के परदे ठीक कर कै कपडे बद ल्या करै |" पडौसी नै सैड दे सी बीच मैं ए टोक दिया रमलू
वो खिडकियां के परदे ठीक कर कै कपडे बद ल्या करै |" पडौसी नै सैड दे सी बीच मैं ए टोक दिया रमलू
CHAUDHARY SAHAB
चौधरी साहब अपनी पत्नी और ग्यारह बालकों के साथ सर्कस देखण गये लाल किला मैदान के धोरै पहोंचे | एक हरयाणा का सिपाही टकर ग्या |चौराहे पै उस सिपाही नै रोक लिया | चौधरी साहब नै छोह मैं आ कै बूझ्या ," आखिर म नै करया के सै ?"
" कुछ ना कुछ पवाडा तो रचे राख्या सै जो या इतनी भीड़ तनै घेर री सै |" सिपाही नै अकड़ कै कहया |
" कुछ ना कुछ पवाडा तो रचे राख्या सै जो या इतनी भीड़ तनै घेर री सै |" सिपाही नै अकड़ कै कहया |
शुक्रवार, 14 सितंबर 2012
yudhistar
रमलू नै अपने बाबू तैं बूझ्या -" बाबू ! यु युधिष्टर कौन था ?"
बाबू छोह मैं आ कै बोल्या -" रै निर्भाग इतना भी कोनी जान्दा ?"
जा भित्तर तैं अलमारी माँ तैं रामायण ठा कै ल्या , मैं इबबै बताद्यूं सूँ |"
बाबू छोह मैं आ कै बोल्या -" रै निर्भाग इतना भी कोनी जान्दा ?"
जा भित्तर तैं अलमारी माँ तैं रामायण ठा कै ल्या , मैं इबबै बताद्यूं सूँ |"
JAI SHANKAR
पूजा करवा रहे पंडित जी नै गृहणी तैं कहया - "बोलिए जै शंकर "|
"शंकर " उस गृहणी के पति का नाम था | वा भला उसका नाम क्यूकर लेंती ?
बोली -" मुन्ना के पापा की जै |"
--
"शंकर " उस गृहणी के पति का नाम था | वा भला उसका नाम क्यूकर लेंती ?
बोली -" मुन्ना के पापा की जै |"
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KAROBAR
कारोबार किसा चाल रया सै ? एक जणेने नै अपने दोस्त पै बूझ्या | " माडा कोनी कहया जा सकदा | पाछले हफ्ते ही एक लाख का आर्डर मिल्या था |
| साच !!! पर म नै यकिन कोनी आन्दा |
"यकिन आ ज्यागा | यो देख उस आर्डर का कैंसिलेशन लेटर" -- दोस्त नै कहया
| साच !!! पर म नै यकिन कोनी आन्दा |
"यकिन आ ज्यागा | यो देख उस आर्डर का कैंसिलेशन लेटर" -- दोस्त नै कहया
imtihan
सते नै बेटे रमलू तैं बूझ्या -- के बात सा तावला क्यूकर आग्या ? तूं तो इम्तिहान देण गया था|
रमलू ---के करूँ ? पर्चे मैं लीख राख्या था -पीछे देखो | म नै पीछे मुड़ कै देख्या तो मास्टर जी नै परचा खोस लिया अर मैं बाहर काढ दिया
रमलू ---के करूँ ? पर्चे मैं लीख राख्या था -पीछे देखो | म नै पीछे मुड़ कै देख्या तो मास्टर जी नै परचा खोस लिया अर मैं बाहर काढ दिया
जी ट्रांजिस्टर
अपने बेटे की खातिर छोरी पसंद करण आई धमलो नै बूझ्या ---बेटी के तनै संगीत का शौक सै ? "जी हाँ मनै संगीत का बहो तै शौक सै " छोरी नै माच कै जवाब दिया | " अच्छा न्यूं बता तूं के बजाया करै ?"
छोरी सैड दे सी बोली ," जी ट्रांजिस्टर "
छोरी सैड दे सी बोली ," जी ट्रांजिस्टर "
FOOL
मुरख
फते कितै जावन लाग रया था | राह मैं उस नै एक जगहां पै एक पत्थर देख्या जिस पर लीख राख्या था -- इस नै उलट दयो |
फते नै सोच्या अक शायद इस पत्थर के तलै कोए खास चीज हो | इस कर कै उस नै वो पत्थर उलट दिया | पत्थर कै नी चै एक कागज पै बड़े बड़े हरफां मैं लीख राख्या था - इब इस पत्थर नै पहले की ढाल धर दयो | इबै आ डै और बी मुरख आवैंगे |
फते कितै जावन लाग रया था | राह मैं उस नै एक जगहां पै एक पत्थर देख्या जिस पर लीख राख्या था -- इस नै उलट दयो |
फते नै सोच्या अक शायद इस पत्थर के तलै कोए खास चीज हो | इस कर कै उस नै वो पत्थर उलट दिया | पत्थर कै नी चै एक कागज पै बड़े बड़े हरफां मैं लीख राख्या था - इब इस पत्थर नै पहले की ढाल धर दयो | इबै आ डै और बी मुरख आवैंगे |
पढ़ाई मैं कमजोर
पढ़ाई मैं कमजोर ----------------
अध्यापक ( छात्र के पिता जी से ) --- थारा छोरा कलास मैं सब तैं कमजोर सै | थाम कोए जुगाड़ क्यों नहीं करदे ?छात्र का पिता --घणा कसूता जुगाड़ कर राख्या सै | घर मैं दो दो गऊ सें | इस के दूध घी का पूरा जुगाड़ सै फेर बी बेरा नी इतना कमजोर क्यूं सै ?
अध्यापक ( छात्र के पिता जी से ) --- थारा छोरा कलास मैं सब तैं कमजोर सै | थाम कोए जुगाड़ क्यों नहीं करदे ?छात्र का पिता --घणा कसूता जुगाड़ कर राख्या सै | घर मैं दो दो गऊ सें | इस के दूध घी का पूरा जुगाड़ सै फेर बी बेरा नी इतना कमजोर क्यूं सै ?
SHU SHU
तीन मंजली ईमारत की तीसरी मंजिल तैं थोड़ा सा पानी नीचे कै जानते होए एक जनाब के सिर पै पड्या | " अरै पानी क्यूं फेंक रहे सो ?" जनाब नै चिल्ला कै रूका मारया |" माडा सोच समझ कै बोल | इस ढाल का झूठा इल्जाम मतना ला वै | मैं पानी कित फेंकूं सूँ | मैं तो अपने बालक नै शु शु करवान लाग रया सूँ |
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