शुक्रवार, 14 सितंबर 2012

imtihan

सते नै बेटे रमलू तैं बूझ्या -- के बात सा तावला क्यूकर  आग्या   ? तूं तो इम्तिहान देण गया था|
रमलू ---के करूँ ? पर्चे मैं लीख राख्या था -पीछे देखो | म नै पीछे मुड़ कै देख्या तो मास्टर जी नै परचा खोस लिया अर मैं बाहर काढ दिया

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