रविवार, 27 जुलाई 2014

तलाक़

रमलू  और उसकी पत्नी धमलो में बिलकुल भी नहीं पटती थी. आखिरकार
 उन्होंने तलाक़ लेने का फैसला कर लिया.
जज ने उन्हें तीन महीने बाद की तारीख दी और कहा कि इन 3 महीनों के 

दौरान ज्यादा से ज्यादा समय एक साथ रहने की कोशिश करें, एक
 दूसरे से बात करें.
3 महीने बाद जब संता और उसकी पत्नी अदालत पहुँचे तो जज ने 

पूछा – “इस दौरान कितना वक्त साथ में बिताया और बातचीत
 हुई कि नहीं ?”
रमलू  – “हम लोग पूरे 5 हफ्ते साथ-साथ रहे और किसी एक भी बात पर 

सहमत नहीं हो सके …..”
धमलो  (बीच में बात काटते हुए) – “ये झूठ बोल रहे हैं योर ऑनर ! 

हम लोग 5 हफ्ते नहीं, 6 हफ्ते साथ-साथ रहे !!!”

सीख गई

धमलो (रमलू तैं ) – आपको याद है शादी के शुरूआती दिनों में जब मैं खाना बनाती थी
 तो आप मुझे ज्यादा खिलाते और खुद कम खाते थे ! …. अब ऐसा क्यों नहीं … ?
.रमलू  - क्योंकि अब तुम खाना बनाना सीख गई हो !!!

तौहीन अदालत की

रमलू नै  पत्नी के साथ मारपीट करने के जुर्म में अदालत में पेश किया गया.
जज ने रमलू की जबानी पूरी घटना ध्यान से सुनी और भविष्य में अच्छा 
व्यवहार करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया.
अगले ही दिन रमलू नै  पत्नी को फिर मारा और फिर अदालत में पेश किया गया.
जज ने कड़क कर पूछा – “तुम्हारी दुबारा ऐसा करने की हिम्मत कैसे हुई ? 
अदालत को मजाक समझते हो ?”
रमलू नै  अपनी सफाई में जज को बताया – नहीं हुजूर, आप मेरी पूरी बात सुन लीजिए. 
कल जब आपने मुझे छोड़ दिया तो अपने-आपको रिफ्रेश करने के लिए मैंने थोड़ी सी 
शराब पी ली. जब उससे कोई फर्क नहीं पड़ा तो थोड़ी-थोड़ी करके मैं पूरी बोतल पी गया. 
पीने के बाद जब मैं घर पहुंचा तो पत्नी चिल्ला कर बोली – “हरामी, आ गया नाली का पानी पीकर !”
हुजूर, मैंने चुपचाप सुन लिया, और कुछ नहीं कहा. फिर वह बोली – “कमीने, कुछ काम धंधा भी 
किया कर या केवल पैसे बर्बाद करने का ही ठेका ले रखा है … !”
हुजूर, मैंने फिर भी कुछ नहीं कहा और सोने के लिए अपने कमरे में जाने लगा. 
वह पीछे से फिर चिल्लाई – “अगर उस जज में थोड़ी सी भी अकल होती तो तू आज जेल में होता … !!!”
बस हुजूर, अदालत की तौहीन मुझसे बर्दाश्त नहीं हुई …. !!!

अच्छा रेट

रमलू : माँ , मैं कल से स्कूल नहीं जाऊंगा।
ममी: क्यों बेटा, ऐसी क्या बात हो गई?
रमलू : आज स्कूल में हम सभी बच्चों का वजन किया गया था...
ममी: तो क्या हुआ?
रमलू : मनै  डर है कि अगर रेट अच्छा मिला, तो स्कूल वाले कहीं हमें बेच न डालें!!!

जैसी करनी, वैसी भरनी।

टीचर: रमलू , एक ऐसी कहानी सुनाओ जिससे कोई शिक्षा मिलती हो।
रमलू : मैंने उसको फोन किया, वह सो रही थी।
फिर उसने मुझे फोन किया, तो मैं सो रहा था।
टीचर : इसमें कौन सी शिक्षा मिलती है?
रमलू  : शिक्षा मिलती है : जैसी करनी, वैसी भरनी।

शुक्रवार, 18 जुलाई 2014

शर्म नीं आई

रमलू  अपणी घरआली धमलो  नै  ल्याण खातर सुसराड चल्या गया | जद वो धमलो नै  लेके अपणी सुसराड तै चाल्लण लाग्या तो उसकी सासू  नैं जुहारी म्ह उस ताई दस रपिये दे दिए | घरां आयां पाच्छे रमलू  धमलो  गेल झगड़ा करण  लाग्या अर कई देर ताहिं  झगड़ता रह्या | आखिर मैं  धमलो  तंग होकै रमलू  तैं  बूझण  लाग्यी, 'जी थाम मेरै गेल क्यान्तें झगड़ण लाग रह्ये सो?' रमलू  छोह मैं आकै  बोल्या, "तेरी मां नै  शर्म कोणी आयी |" धमलो  नै  बूझ्या , ""किस बात की शर्म?"  बोल्या, "मैं थाहरे घरां केले तो सो रपियाँ के लेकै  गया पर तेरी मां नै   जुहारी म्ह दस रपिये दे दिए |" धमलो  तपाक तैं  बोल्यी, "जी मन्ने न्यूं बताओ अक थाह्म ओड़े मन्ने लेण गए थे अक केले बेच्चण गए थे |"

नीम्बू पानी मैँ जीरा

 

ताऊ धारे  के 6 छोरे थे | वे 6 के 6 जमां काले थे | एक बार वे सारे गाम के जोहड़ में नहाण लागरे  थे | ताऊ धारे  उन्ती देख देख कै  राजी होरया था | ताऊ उन्ती देखदा देखदा अपणे धोरे खड़े रमलू  ती बोल्या - "देख मेरे छोरे !", रमलू बोल्या - "हाँ ताऊ देखे, जणू नीम्बू पाणी में जीरे के बुँदे  होए दाणे तैरण लाग रै सै |"
रमलू  सबसे बड़ा चैलेंज क्या है?
कमलू : एग्जाम में पेपर खाली छोड़कर लास्ट में लिख देना..
….कि हिम्मत है तो पास करके दिखा!

तुम्हारी भाभी से'।

एक दिन रमलू  नै  अपनी भाभी खूब पीटी ।  उसके चिल्लावण  की आवाज सुन कै  पड़ोसी देखण  आगे  अर  रमलू  तैं  बूझण  लागे  अक  के  बात होगी , इतना क्यों मार रहे हो अपनी भाभी नै ?
रमलू (गुस्से में): भाईसाहब या  मेरी  पीठ पीछे छुप -छुप के रोज मेरे सभी दोस्तों गेल्याँ  बाते करती है।
पडोसी: तुम्हे कैसे पता लगा?
रमलू : अरे मैं जब भी अपने किसी दोस्त तैं  बूझूँ  हूँ कि वो फ़ोन पै  किस गेल्याँ बात कररया   हैं, तो वो नयों ऐ  कहवै  है 'तेरी  भाभी तैं '।

लठ से गाड़ दिये

लठ से गाड़ दिये 

रमलू चार बर आठवीं जमात मैं लगातार फेल होग्या । आई बरियां वो अपने बाबू नै कहन्दा "इब कै तो लठ गाड़ आया । जइब पाँचमी बर वो पेपर दे कै नै आया तो उसके बाबू नै बूझ्या --बेटा रमलू पेपर किस होग्या ? रमलू नै कह्या -- बाबू इब कै नै तो कति  लठ सा गाड़ दिया । 
रमलू का बाबू --वाह बेटे पाछले लठ तो तेरे पै पाट्टे कोन्या अर तूँ एक लठ और गाड़ आया ।

beer

एक बार रमलू अर कमलू , किसी बियर बार में बियर पीने गये। जब वह पीने लगे तो रमलू बोला, "लगता है बाहर बारिश हो रही है। तुम ऐसा करो घर जाकर जल्दी से छतरी ले आओ।"

कमलू  गुर्राया: मुझे पता है मेरे जाने पर तुम मेरी सारी बियर पी जाओगे।

रमलू  ने उसे यकीन दिलाया कि वो उसकी बियर नहीं पियेगा। उसके हिस्से की बियर ज्यों की त्यों रखी रहेगी।

संता यह सुनकर मान गया और छतरी लेने चला गया।

जब रात गहराने लगी पर कमलू  छतरी लेकर नहीं लौटा तो बंता ने सोचा शायद रमलू  घर पर ही रुक गया है और अब नहीं आएगा। यही सोच कर उसने कमलू  का बियर वाला गिलास उठाया ही था कि बार के एक कोने की छोटी सी खिड़की से तेज आवाज आई, "अगर पीओगे तो मैं छतरी लेने नहीं जाऊंगा।"

गुरुवार, 19 जून 2014

TAAR

रमलू के छोरे नै बूझ्या  - बाबू  टेलीफोन के तार इतने उंचे क्यों होते है ?

रामलू नै कहया - बेटा ! इसलिए कि उनमें आने वाली बात को कोई सुन न ले |

मंगलवार, 17 जून 2014

Ramloo and doctor

रमलू  चिकित्सक के पास दुबारा जाता है... 
चिकित्सक : दवाई पी-ली थी या नहीं? 
रमलू  : नहीं Doctor साहब दवाई तो हरी थी. 
चिकित्सक- मेरा मतलब है दवाई ले ली थी ना? 
रमलू  - हाँ doctor साहब आपने  दी, तो मैंने ले ली थी. 
चिकित्सक- अरे यार दवाई की शीशी खा-ली थी ना? 
रमलू   - नहीं doctor शीशी तो भरी हुई थी. 
चिकित्सक - अबे गधे दवाई को पी-लिया था ना? \
रमलू  - अरे dr साहब पीलिया (juandice) तो मुझे था! 

उसे पढ़ा जा रहा है।

रमलू : पिता के रूप में मुझे गर्व है कि मेरा पुत्र मेडिकल कॉलेज में है। कमलू  :अरे वाह! वहां क्या पढ़ाई कर रहा है वह? 
रमलू  : वह पढ़ नहीं रहा है, वहां उसे पढ़ा जा रहा है।

दस साल का रमलू

दस साल का रमलू  बहुत ध्यान से एक किताब पढ़ रहा था, जिसका टाइटल था, 'बच्चों का पालन-पोषण कैसे करें'? 
मां: तुम इस किताब को क्यों पढ़ रहे हो? 
रमलू : मैं ये देखना चाहता हूं कि मेरा पालन-पोषण ठीक से हो रहा है या नहीं ?

वीआईपी लोग

रमलू : आज मेरी बकरी ने अंडा दिया है. 
कमलू : पागल हो गये हो क्या बकरी कभी अंडा देती है? 
रमलू : भाई हम वीआईपी लोग हैं, हमारी मुर्गी का नाम बकरी है।

कोई भी चलेगा।

रमलू : सिस्टर मुझे एक बोतल खून दे दो। 
सिस्टर: ब्लड ग्रुप बताओ? 
रमलू :  कोई भी चलेगा।
सिस्टर: कैसे? 
रमलू : गर्लफ्रेंड को लव लैटर लिखना है।

शनिवार, 24 मई 2014

KIS




रमलू  फकीर अर अम्बानी अमीर का एक बार सूट बैठग्या  बात करण का |

अम्बानी  जी बोले --अच्छा रमलू न्यूं बता अक “किस” करना मेहनत सै अक या मजा सै ?

रमलू  बोल्या --अम्बानी जी क्यूं मजाक करो सो गरीब की गेल्याँ ?

अम्बानी --नहीं रमलू मैं असल मैं जानना चाहूं सूँ |

रमलू बोल्या -- अम्बानी साहब जरूर मजा होगा , नाह तै मेहनत होती तै थाम यो  भी मेरे पै ए करवांदे||  

KUNSEE DAROO


धमलो  --थाम देसी पी कै आवो सो तो मनै पारो कह कै बोलो  सो  |

अर जब अंगरेजी पी कै आवो सो तो मनै  डार्लिंग कह कै बोलो सो

फेर आज थामनै मेरे ताहीं भूतनी अर चुड़ैल क्यूं कहया ?

रमलू --आज स्प्राईट पी कै आया सूँ | सीधी बात नो बकवास ||

SPEAKER


एक बार  की बात मुढाल हल्के  के M.L.A. तहिं  चौधरी बन्सी लाल नै  हरियाणा State Assembly का Speaker बना दिया। जब मुढाल हल्के के लोग उस M.L.A. धोरै  नौकरी मांगन गये, तो वो बोल्या ‘भाई..चौधरी साब नै  मै निरा बाजण  का बना दिया, नौकरी कडे तैं  दयु ‘।