बिना सोचें समझें ------------------------------ --------------------
एक गांव में एक ब्राह्मण रहया करता। उसकी पत्नी कै कोए ओलाद नहीं थी। उसने मन बहलाने के लिए एक नेवला पाल लिया था। नेवले को ब्राह्मण के घर में घूमने-फिरने की पूरी आजादी tथी। ब्राह्मणी को नेवला बहोतै प्यारा था।
कुछ दिनों के बाद ब्राह्मणी के घर एक बेटे का जन्म हुआ। ब्राह्मण ने अपनी पत्नी से कहया अक इब महारै संतान हो गई है, इसलिए
एक गांव में एक ब्राह्मण रहया करता। उसकी पत्नी कै कोए ओलाद नहीं थी। उसने मन बहलाने के लिए एक नेवला पाल लिया था। नेवले को ब्राह्मण के घर में घूमने-फिरने की पूरी आजादी tथी। ब्राह्मणी को नेवला बहोतै प्यारा था।
कुछ दिनों के बाद ब्राह्मणी के घर एक बेटे का जन्म हुआ। ब्राह्मण ने अपनी पत्नी से कहया अक इब महारै संतान हो गई है, इसलिए
नेवले को घर तैं काढ दो। कहीं ऐसा न हो कि नेवला बच्चे का नुकसान कर दे। ब्राह्मणी ने ब्राह्मण की बात न मानी।
एक दिन ब्राह्मणी कुंए पर पानी भरने गई। बच्चा पालने में सो रहया था अर नेवला पालने के पास आराम कररया था।
इतने में किसी तरफ से घर में एक सांप आ गया। वह बच्चे की कांहीं काटने को बढ़या । नेवले नै यह सब देख लिया। नेवला सांप का शत्रु हो सै । नेवले ने सांप के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। घर में खून ही खून हो गया। नेवले ने बच्चे की जान बचा दी यह दिखाने के लिए वह घर के दरवाजे पै आ बैठया ।
एक दिन ब्राह्मणी कुंए पर पानी भरने गई। बच्चा पालने में सो रहया था अर नेवला पालने के पास आराम कररया था।
इतने में किसी तरफ से घर में एक सांप आ गया। वह बच्चे की कांहीं काटने को बढ़या । नेवले नै यह सब देख लिया। नेवला सांप का शत्रु हो सै । नेवले ने सांप के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। घर में खून ही खून हो गया। नेवले ने बच्चे की जान बचा दी यह दिखाने के लिए वह घर के दरवाजे पै आ बैठया ।
ब्राह्मणी जब कुँए तैं पानी भरकै आई तब उसने खून से लथपथ नेवले को दरवाजे पर देखया । वह नेवले को देखकै घबरा गई और यह समझी कि उसने बच्चे को मार डाला है, इसलिए गुस्से में ब्राह्मणी ने नेवले पर पानी भरा घड़ा दे मारया ।
ब्राह्मणी रोती हुई घर के अंदर गई, देखा कि बच्चा पालने में सोया हुआ है। पास में सांप मरा हुआ पड़या है। यह देखकै वह अपनी भूल पर पछताने लगी, उसको अपनी भूल का बेरा पाट्या।
ब्राह्मणी रोती हुई घर के अंदर गई, देखा कि बच्चा पालने में सोया हुआ है। पास में सांप मरा हुआ पड़या है। यह देखकै वह अपनी भूल पर पछताने लगी, उसको अपनी भूल का बेरा पाट्या।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें