दो दो पत्नियों के राखन के मामले मैं मुकदमा चाल रहया था नफे पै | ( आज काल तो हर तीसरे घर मैं मुकदमा चाल स कै सै ) कई बरसां केस चाल्या | आखिर मैं जज नै फैंसला सुनाया ," आरोप सिद्ध ना होने कर कै नफे सिंह को बरी करया जा सै |" नफे बोल्या ," पर जज साहब म नै इतना और बता दयो अक इब मैं कौनसी धोरै जाऊं ?"
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें