मंगलवार, 28 अगस्त 2012

दो दो पत्नियों के राखन के मामले मैं मुकदमा चाल रहया था नफे पै | ( आज काल तो हर तीसरे घर मैं मुकदमा चाल स कै सै ) कई बरसां केस चाल्या | आखिर मैं जज नै फैंसला सुनाया ," आरोप सिद्ध ना होने कर कै नफे सिंह को बरी करया जा सै |" नफे बोल्या ," पर जज साहब म नै इतना और बता दयो अक इब मैं कौनसी धोरै जाऊं ?"

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