रमलू अर ग़ालिब ---------------------------------------------------
रमलू नै अपने बेटे ताहीं कहया ," बेटा किसी संस्कारी घर का बालक इतने गंदे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करता |
तूं भी मत करया कर |
" पर बाबू ! ये तो ग़ालिब के शब्द सें |" बेटे नै सफाई दी |
"ठीक सै ! आज तैं तूं उसकी साथ खेलना बंद करदे |"रमलू नै उल्गे कालजे तैं कहया |
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