एक बार रमलू का गधा भाग जावै है। रमलू मंदिर जावै है और देर तक भगवान की मूर्ती के आगे खड़ा हो कर प्रार्थना करै सै ।
कमलू : रमलू तुम भगवान तैं यहे मांग ररहया सै अक ना कि तेरा तनै वापस मिल जावाई । रमलू : नहीं यार मैं तो भगवान को थैक्यू बोल रहया सूँ ।
कमलू : क्यों?
रमलू : अरे भगवान की कृपा तैं जब गधा भाज्या तो मैं उसपै सवार नहीं था। जै होता तो मैं भी उसके साथ भाग जान्ता ।
कमलू : रमलू तुम भगवान तैं यहे मांग ररहया सै अक ना कि तेरा तनै वापस मिल जावाई । रमलू : नहीं यार मैं तो भगवान को थैक्यू बोल रहया सूँ ।
कमलू : क्यों?
रमलू : अरे भगवान की कृपा तैं जब गधा भाज्या तो मैं उसपै सवार नहीं था। जै होता तो मैं भी उसके साथ भाग जान्ता ।
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