शनिवार, 21 दिसंबर 2013

gadha

एक बार रमलू  का गधा भाग जावै  है। रमलू मंदिर जावै  है और देर तक भगवान की मूर्ती के आगे खड़ा हो कर प्रार्थना करै  सै ।
कमलू : रमलू  तुम भगवान तैं  यहे मांग ररहया सै अक ना  कि तेरा  तनै  वापस मिल जावाई । रमलू  : नहीं यार मैं तो भगवान को थैक्यू बोल रहया  सूँ ।
कमलू  : क्यों? 
रमलू  : अरे भगवान की कृपा तैं  जब गधा भाज्या  तो मैं उसपै  सवार नहीं था। जै  होता तो मैं भी उसके साथ भाग जान्ता  ।

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