शुक्रवार, 10 जनवरी 2014

नाक तले की

नाक तले की  
एक बर रमलू  खेत मैं  रेडियो सुनै  था। रेडियो पै एक लुगाई बताण लाग री थी अक बंबई मै बाढ़ आगी, गुजरात मै हालण आग्या, दिल्ली मैं आप आगी । रमलू नै  देख्या पाछे नै  नाका टूट्या पड़्या सै , अर पाणी दूसरे के खेत मैं  जावण लाग रहया सै । रमलू  छोंह मैं आकै रेड़ियो कै दो लट्ठ मारकै बोल्या – दूर-दूर की बताण लाग री सै , नाक तलै नाका टूट्या पड़या सै , यो बतांदे होए तेरा मुँह दुक्खै  सै के ।

गुरुवार, 9 जनवरी 2014

पाछे नै लटक ले”

रमलू सवारी ढोण खातर नया टैम्पू ल्याया  । उसनै दिन-रात टैंम्पू ए टैंम्पू दीखण लाग-गे । एक रात नै  वो नींद मैं बोलण लाग-ग्या -- आ ज्याओ भाई आ ज्याओ, टैंपू चाल्लै सै, तोले से आ-ज्याओ।  या बात सुण कै उसकी बहू बोली-- “के बात हो-गी , आज न्यूं क्यूकर बोल्या ?” रमलू  नींद मैं ए बोल्या-- कड़े जावैगी बेबे ? या सारी बात रमलू  का बाबू भी सुणन लाग रहया था, वो बोल्या ---रै झकोई , के कहवे सै बहू नै ? रमलू -- नींद में-ऐं बोल्या--“ताऊ, घना ना बोलै ! तू पाछे नै लटक ले” !

kime ho nahin sakta

रमलू नै चोरी करण की कसूती आदत थी। एक दिन वो चोरी करता  पकड़या गया । थाणेदार सिपाही तैं  बोल्या –इसकै सौ जूत मार आप्पे ए सीधा हो ज्यागा । सिपाही उसती हवालात मैं  जूत मारण खातर लेग्या तो रलदू उसतैं  सौ का नोट दिखाकै बोल्या – किम्मे हो नी सकता । सिपाही सौ का नोट गोज मैं  घाल कै बोल्या – मैं भींत  कै जूत मारूँगा अर तूँ किलकी मारें  जाइये। रमलू नै एक सौ का नोट और जेब तै काढ्या अर बोल्या – ले किलकी बी तूँ ए मार लिए मन्नै जावण दे।

yad karna asan nahin



एक दिन जब रमलू की वा उसतैं  मिली तो बोली :
मंने याद करया करै  के ..?
रमलू  मन मन  मैं ---इब तनै  क्यूकर  बताऊँ अक  बावली याद करना  इतना आसान होता तो  मैं अपनी क्लास मैं टॉप ना कर  जाँता । 

बुधवार, 8 जनवरी 2014

बाल गिरने की फिक्र

बाल गिरने की फिक्र
 रमलू : यार मेरे बाल बहुत झड़ैं सैं । 
.कमलू  वो क्यों? 
रमलू : फिक्र सै ? 
कमलू : कौन सी फिक्र सै तनै ? 
रामलू : बाल गिरण  की फिक्र

बड़े बड़ेरे कहगे

बड़े बड़ेरे कहगे - 'लड़कियों की आधी जिंदगी पति की 'तलाश' में, और बाकी आधी... पति की 'तलाशी' में बीत ज्या  सै !'

कंजूस लड़के और लड़की का प्‍यार

कंजूस लड़के और लड़की का प्‍यार
एक बर एक कंजूस लड़के नै  एक कंजूस लड़की तैं  प्यार होज्या सै । लड़की---जब बाबू  घरां  नहीं होवैगा , तो मैं गली मैं सिक्का फेकूंगी। आवाज सुनकै  तूँ  सैड़  देसी  ऊपर आ जाईये । कुछ देर पाछै  लड़की नै  सिक्का फेंक्या , पर लड़का सिक्का फेंकने के एक घंटे पाछै  पहुंचा। लड़की-- इतनी वार  कित  ला  दी? लड़का--- मैं सिक्का ढूंढण  लाग्या ...

Shervani

शेरवानी की सिलाई है शामियाने की नहीं 
एक लंबा तगड़ा बहुत ही मोटा आदमी रमलू दर्जी की दुकान पर पहुंचा। रमलू नै  बड़ी कठिनाई तैं हांफते हांफते  नाप लेकर कहया  : जनाब, इस शेरवानी की सिलाई के सौ रूपये लागैंगे । आदमी --परंतु तुमने टेलीफोन पर पचास रूपये बताए थे। रमलू नै  पसीने पोंछते हुए कहया - जी, हां बताये तो थे, पर शेरवानी के बताए थे, शामियाने के  नहीं।

बापू हंसते क्‍यों रहवैं सैं

बापू हंसते क्‍यों रहवैं  सैं 
 रमलू - यार कमलू ये बापू हर नोट पै  हंसते हुए क्‍यों पावैं  सैं । 
कमलू - सीढ़ी सी बात  सै रमलू ,जै बापू  रोवैंगे तो नोट भीज नहीं  जागा । 

ramloo

रमलू अर  सी वी रमन  जहाज मैं बम्बई जावैं  थे ।  बराबर की सीट ।  सी वी रमन  ने कहा, "चलो एक खेल खेलतें हैं, मैं एक प्रश्न पूछता हूँ अगर तुम्हें उसका जवाब न आये तो तुम मुझे 5 रपये  देना अगर मुझे जवाब नहीं आएगा तो मैं तुम्हें 500 रपिये  दूंगा।" सी वी रमन  ने पहले प्रश्न पूछा, "धरती से चंद्रमा की दूरी कितनी है?" रमलू  नै  कुछ नहीं कहा और अपनी जेब से 5 रपिये  काढ़ कै दे दिए । इब  रमलू  की बारी थी उसनै सी वी रमन  तैं  बूझ्या , "इसा के  सै जो तीन पैरों पर पहाड़ी पर चढै  है और चार पैरों पर वापिस उतरता है?"सी वी रमन  ने सोचा   उसने अपने सभी दोस्तों को फोन से पूछा, और एक घंटे के बाद उसने रमलू  को 500 रपिये  दे दिए।  सी वी रमन  ने पागल होते हुए पूछा, "अब बताओ वो क्या है जो तीन पैरों पर पहाड़ी पर चढ़ता है और चार पैरों पर उतरता है?"रमलू  नै  गोज  मैं  तैं  5 रपिये  काढ़े अर  सी वी रमन  ताहिं पकड़ा दिए । 

मंगलवार, 7 जनवरी 2014

5 chutkale




पांच  भाई पर  दूर के
 फत्ते - तुम्हारा इस लड़के से क्या रिश्ता है? 
रमलू - जी! बहुत दूर का रिश्ता है।
 फत्ते - फिर भी क्या रिश्ता है? 
रमलू - जी ! वह मेरा सगा भाई है।
फत्ते - तो तुम इसे दूर का रिश्ता क्यों बताते हो?
रमलू - क्योंकि इसके और मेरे बीच पांच  भाई और हैं।


 प्रेमी और परीक्षा 
रमलू - हे प्रिये, इस बार मैं परीक्षा में फेल होना चाहूँ सूँ ।
 प्रेमिका धमलो - क्युँ ? 
रमलू - जै  मैं फ‌र्स्ट आया तो बाबू   मेरे तैं  साइंस  दिवावण  की कहवै सै ,
 सेकंड आया तो कॉमर्स दिवावैगा , 
अर थर्ड आया तो  आर्ट्स  दिवावैगा  
अर जै  फेल हो होग्या  तो तेरी गेल शादी करा देगा । 

गुड नाइट अर  माच्‍छर
 बच्चा--: गुड नाइट ममी?
 ममी:-- गुड नाइट बेटा...
 बच्चा--: गुड नाइट डैडी?
 डैडी--: गुड नाइट बेटा। . . . 
बच्चा (परेशान होकर): 
अरे, गुड नाइट कहां है?
पूछ रहा हूं! 
मच्छर काट रहे हैं । 


ममता और कहर
 मां (बेटी  से): इतनी देर से आ रही  है! 
कहां गयी थी ? 
बेटी : फिल्म देखने।
 मां: कौन सी?
 बेटी : मां की ममता। 
मां: जा बेटी , ऊपर जा... 
नई फिल्म लगी है, 
वह भी देख ले!
 बेटी : कौन सी? .
मां: बाप का कहर।

पत्नी  अर  डॉगी 
रमलू : डॉक्टर साहब आप दवा की शीशियों पै  पर्ची चिपका दयो ।
 डॉक्टर: अरै  इसकी के  जरुरत सै ? 
रमलू : नहीं डॉक्टर साहब, आप बस पर्चियां चिपका दयो ।
 डॉक्टर: ठीक है परन्तु क्यों? 
रमलू : दरअसल, इसतैं  मनै  बेरा  रहवैगा अक कौनसी 
गोली मेरी पत्नी  की  खा तर  है अर कौन सी डॉगी की खातर  सै ।
 क्योंकि मैं नहीं चाहंता अक शीशी बदल जयावै 
 अर मेरे डॉगी  कै कुछ होज्या ।  


पांच भाई पर दूर के




पांच  भाई पर  दूर के
 फत्ते - तुम्हारा इस लड़के से क्या रिश्ता है? 
रमलू - जी! बहुत दूर का रिश्ता है।
 फत्ते - फिर भी क्या रिश्ता है? 
रमलू - जी ! वह मेरा सगा भाई है।
फत्ते - तो तुम इसे दूर का रिश्ता क्यों बताते हो?
रमलू - क्योंकि इसके और मेरे बीच पांच  भाई और हैं।

प्रेमी और परीक्षा

 प्रेमी और परीक्षा 
रमलू - हे प्रिये, इस बार मैं परीक्षा में फेल होना चाहूँ सूँ ।
 प्रेमिका धमलो - क्युँ ? 
रमलू - जै  मैं फ‌र्स्ट आया तो बाबू   मेरे तैं  साइंस  दिवावण  की कहवै सै ,
 सेकंड आया तो कॉमर्स दिवावैगा , 
अर थर्ड आया तो  आर्ट्स  दिवावैगा  
अर जै  फेल हो होग्या  तो तेरी गेल शादी करा देगा । 

गुड नाइट अर माच्‍छर

गुड नाइट अर  माच्‍छर
 बच्चा--: गुड नाइट ममी?
 ममी:-- गुड नाइट बेटा...
 बच्चा--: गुड नाइट डैडी?
 डैडी--: गुड नाइट बेटा। . . . 
बच्चा (परेशान होकर): 
अरे, गुड नाइट कहां है?
पूछ रहा हूं! 
मच्छर काट रहे हैं । 

ममता और कहर

ममता और कहर
 मां (बेटी  से): इतनी देर से आ रही  है! 
कहां गयी थी ? 
बेटी : फिल्म देखने।
 मां: कौन सी?
 बेटी : मां की ममता। 
मां: जा बेटी , ऊपर जा... 
नई फिल्म लगी है, 
वह भी देख ले!
 बेटी : कौन सी? .
मां: बाप का कहर।

पत्नी अर डॉगी

पत्नी  अर  डॉगी 
रमलू : डॉक्टर साहब आप दवा की शीशियों पै  पर्ची चिपका दयो ।
 डॉक्टर: अरै  इसकी के  जरुरत सै ? 
रमलू : नहीं डॉक्टर साहब, आप बस पर्चियां चिपका दयो ।
 डॉक्टर: ठीक है परन्तु क्यों? 
रमलू : दरअसल, इसतैं  मनै  बेरा  रहवैगा अक कौनसी 
गोली मेरी पत्नी  की  खा तर  है अर कौन सी डॉगी की खातर  सै ।
 क्योंकि मैं नहीं चाहंता अक शीशी बदल जयावै 
 अर मेरे डॉगी  कै कुछ होज्या ।  

शनिवार, 4 जनवरी 2014

ek kee char




एक बर रमलू खोखे पै चा पीवण चल्या गया अर  बोल्या --रै घीसू एक चा बनाईये । इतने मैं एक याड़ी  आग्या ।  रमलू फेर बोल्या -- रै घीसू न्यूँ कर दो मैं करल्या । जिबै एक दोस्त और आग्या । रमलू फेर बोल्या -- रै घीसू न्यूँ करिये तीन मैं करल्या । एक दो मिनट पाछै एक और आन टपकै सै । रमलू फेर बोल्या -- रै घीसू 4 मैं कर लयाईये ।  चा पीए पाछै रमलू बोल्या -- हाँ भाई कै रपिये होगे । घीसू बोल्या -- रपिये छॊड़ अर तूँ  न्यूँ कर अक ये कप धोज्या । 

jahar



रमलू  : मनै जहर चाहिये ईबै 
दुकानदार : बिना पर्ची के कोन्या दे सकदा.मनै बी मरवावैगा । रमलू  नै अपने ब्याह का कार्ड दिखा दिया.दुकानदार : बस कर भाई ….. रुवावैगा के ….न्यूँ  बता बड़ी शीशी दू अक  छोटी …?

बुधवार, 1 जनवरी 2014

babaji

एक बर  एक बाबा जी सत्संग करण  लागरया , अर कहवै  – मनै  
सारी दुनिया देख राखी सै  अर दुनिया की कुण कुण मैं  जा रहया सूँ  ,
इतने मैं  भीड़ मैं  बैठे रमलू नै  रुक्का मारया  – मोडडे  क्यूँ जूठ बोले
 सै, कदे सुसराड गया सै ?

कौथी जमात??

सगाई आले लड़का देखण  आरे  थे।
(लड़के के दादा) तैं पूछण  ला गे : चौधरी साहब,
छोरा कौथी (किस) जमात में पढ़ै सै….?
ताऊ – भाई, न्यूं तै बेरा ना अक कौथी में पढ़ै
सै, पर छोरा पूरी सौ जमात पढ़ रहया सै ।
.“सौ जमात….? न्यूं क्यूकर चौधरी?”
“भाई आठ जमात तै आपणे गाम के स्कूल
(मिडल स्कूल ) में पास करी।
फेर बड्डे स्कूल (हाई स्कूल ) में दस जमात
(मैट्रिक ) पास करी।
अठारह जमात तै होए गयी ना ।”
“और बाकी?”
.“भाई, बाकी बयासी (बी ए सी ) जमात उसनै
हिसार जाट कालिज में पूरी कर ली।
हो-ग्या पूरा सैंकड़ा अक किमैं कसार रहगी ??