बुधवार, 8 जनवरी 2014

Shervani

शेरवानी की सिलाई है शामियाने की नहीं 
एक लंबा तगड़ा बहुत ही मोटा आदमी रमलू दर्जी की दुकान पर पहुंचा। रमलू नै  बड़ी कठिनाई तैं हांफते हांफते  नाप लेकर कहया  : जनाब, इस शेरवानी की सिलाई के सौ रूपये लागैंगे । आदमी --परंतु तुमने टेलीफोन पर पचास रूपये बताए थे। रमलू नै  पसीने पोंछते हुए कहया - जी, हां बताये तो थे, पर शेरवानी के बताए थे, शामियाने के  नहीं।

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