शेरवानी की सिलाई है शामियाने की नहीं
एक लंबा तगड़ा बहुत ही मोटा आदमी रमलू दर्जी की दुकान पर पहुंचा। रमलू नै बड़ी कठिनाई तैं हांफते हांफते नाप लेकर कहया : जनाब, इस शेरवानी की सिलाई के सौ रूपये लागैंगे । आदमी --परंतु तुमने टेलीफोन पर पचास रूपये बताए थे। रमलू नै पसीने पोंछते हुए कहया - जी, हां बताये तो थे, पर शेरवानी के बताए थे, शामियाने के नहीं।
एक लंबा तगड़ा बहुत ही मोटा आदमी रमलू दर्जी की दुकान पर पहुंचा। रमलू नै बड़ी कठिनाई तैं हांफते हांफते नाप लेकर कहया : जनाब, इस शेरवानी की सिलाई के सौ रूपये लागैंगे । आदमी --परंतु तुमने टेलीफोन पर पचास रूपये बताए थे। रमलू नै पसीने पोंछते हुए कहया - जी, हां बताये तो थे, पर शेरवानी के बताए थे, शामियाने के नहीं।
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