ढक्कन नहीं मिला तो शराब पी
एक शराबी सड़क के किनारे बहुत ज्यादा पीने के कारण लगभग बेसुध सा पड़ा हुआ था। रमलू नै उसके धोरै जाकै बूझ्या , "`आखिर इतनी ज्यादा पीवन की के जरूरत थी ?
शराबी: मजबूरी थी पीवन के अलावा और कोई चारा ही नहीं था।
रमलू : आखिर इसी के मजबूरी होगी थी ?`
शराबी: बोतल का ढक्कन गुम होग्या था।
एक शराबी सड़क के किनारे बहुत ज्यादा पीने के कारण लगभग बेसुध सा पड़ा हुआ था। रमलू नै उसके धोरै जाकै बूझ्या , "`आखिर इतनी ज्यादा पीवन की के जरूरत थी ?
शराबी: मजबूरी थी पीवन के अलावा और कोई चारा ही नहीं था।
रमलू : आखिर इसी के मजबूरी होगी थी ?`
शराबी: बोतल का ढक्कन गुम होग्या था।
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