एक बर गाम मैं थानेदार आग्या । उसे दिन रमलू की भैंस किसे की जवार मैं बड़गी अर घणा नुक्सान कर दिया । जवार आले का उलहाना आया । तो रमलू के घरके बोले - थानेदार साहब इसनै भित्तर करण का डर देकै भैंस के खोट मैं अर बयाह ताहिं त्यार करदयो । यो बयाह तेन घणा डरै सै । थानेदार नै फिट कर दी अपनी कारस्तानी अर बोल्या -- तेरी यहे सजा सै अक तनै शादी करनी पड़ैगी । रमलू नै डरते नै हाँ भरली । ब्याह मैं जब दुल्हन उसके बराबर मैं फेरां ताहिं बिठाई तो रमलू बोल्या -- ऐ बेबे तेरी भैंस नै भी किसे की ज्वार खाली थी के ?
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