रविवार, 12 जनवरी 2014

chutkale

मास्टरजी : एक ऐसा वाक्य बनाओ जिसमें उर्दू, हिंदी, हरयाणवी ,पंजाबी और अंग्रेजी के शब्दों का सही-सही इस्तेमाल हुआ हो।
रमलू : सैड दे सी --- इश्क दी गाल  विच नो एंट्री।

रमलू पड़ौसन तैं  : तेरे खसम की मौत की सुनकै भोत दुःख हुआ । के मैं उसकी जागा  ले सकूं  सूँ ?
पड़ौसन : हां, जै  कब्रिस्तान आले राजी हों तो मनै  भला के  एतराज  सै !

रमलू  सोवै  था। उसने सपने में दख्या अक  उसके धोरै  एक बकरी सै । कोई उसे दो सौ रुपये में खरीदना चाहवै   है ,पर  वो  ढाई सौ पर अड़रया  है। 
इतने मैं रमलू  की नींद खुल गई। देख्या  , उड़ै  कोई बकरी नहीं सै । रमलू  नै सैड देसी  आंख बंद कर ली अर चिल्लाया: ठीक सै  साहब , आप दो सौ ए  दे दयो । 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें