एक बर एक बाबा जी सत्संग करण लागरया , अर कहवै – मनै
सारी दुनिया देख राखी सै अर दुनिया की कुण कुण मैं जा रहया सूँ ,
इतने मैं भीड़ मैं बैठे रमलू नै रुक्का मारया – मोडडे क्यूँ जूठ बोले
सै, कदे सुसराड गया सै ?
सारी दुनिया देख राखी सै अर दुनिया की कुण कुण मैं जा रहया सूँ ,
इतने मैं भीड़ मैं बैठे रमलू नै रुक्का मारया – मोडडे क्यूँ जूठ बोले
सै, कदे सुसराड गया सै ?
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