सोमवार, 20 जनवरी 2014

शराबी रमलू अर पत्‍नी

शराबी रमलू  अर पत्‍नी 
रमलू  एक खुली सड़क पै  बहुत तेजी तैं  गाड़ी चला रहया  था उसे बख्त  पुलिस वाले नै  वो  रोक दिया अर गाड़ी तैं बाहर आवण को कहया ,"के तनै  इस बात का एहसास सै  अक  तूँ 60 kmph क्षेत्र मैं  90 kmph की रफ़्तार तैं  गाड़ी चलावण लागरया  सै  ।  तनै स्पीड लिमिट के नियम को तोड़या  है।" रमलू  नै  कहया ,"जनाब  ऐसा कभी नहीं हो सकता मनै  कोई स्पीड लिमिट का नियम नहीं तोड़या  सै  मैं तै  धीरे से गाड़ी चला रहया  था।" गाड़ी के अन्दर से रमलू की  पत्नी नै  कहया , "तनै  तोड़या  है मैं कद  तैं  तनै  कहूँ  थी   अक  गाड़ी की स्पीड कम राखले ।" पुलिस वाले ने कहा, "मैंने एक चीज और नोट की कि तुमने सीट बेल्ट भी नहीं पहन रखी थी जब तुमने मुझे देखा तब तुम ने इसे बांधा।" रमलू  बोल्या , "नहीं जनाब  ये सच नहीं साईं मैं हमेशा ही अपनी सीट बेल्ट पहरूं  हूँ।" भीतर  तैं  पत्नी ने कहाया --नहीं मैं तनै  हमेशा कहती रहूँ  सूँ  अक  बेल्ट पहन ले  फेर तूँ  नहीं पहनता । रमलू नै छोह  मैं  गाली देते हुए कहया , "के  तूँ  थोड़ी सी वार  खातर  अपना यूं थोबड़ा बंद नहीं राख सकती।" पुलिसवाला उस आदमी के पत्नी के प्रति ऐसे व्यवहार को देखकर चकित रह गया, इसलिए वो उसकी पत्नी की तरफ घूम गया और पूछने लगा,"मैडम क्या आपके साथ हमेशा ये ऐसा ही व्यवहार करते हैं?" रमलू की  पत्नी ने कहा ने कहा,"जी नहीं!  बस जब दो घूँट शराब पी ले सै तोय करै सै  ।"

मटके में मछली

मटके में मछली
 रमलू घर कै  बाहर बैठया  पानी तैं  भरे मटके मैं हाथ घुमावण लागरया  था, सो, उड़े  कै जान्ते  होंए  कमलू  नै बूझ्या -- "के  करै सै , रमलू  भाई...?" रमलू  नै जवाब दिया, "भाई, मछलियां पकड़ रहया  सूँ ..." कमलू  नै तुरन्त रमलू  के गाल पै एक ज़ोरदार तमाचा रसीद कर दिया , अर बोल्या , "अरै  गधे, किते मटके मैं भी मछलियां पैदा हुया  करैं ?" रमलू  चुपचाप उल्टा  बैठग्या , अ र जब कुछ वार  पाछै कमलू  लौट कै आया , तो भी रमलू  उसे ढाल मटके मैं  हाथ घुमावण  लागरया  था, सो, कमलू नै फेर बूझ्या , "क्यों रमलू  भाई, के तूँ  इब ताहिं  मछलियां पकड़ण लागरया  सै ...?" रमलू  सैंड दे सी  उठया , अर कमलू  के  गाल पै  ज़ोरदार तमाचा मारकै  बोल्या , "अरै  गधे, किते  मटके मैं  भी मछलियां पैदा हुया  करैं ..?"

रविवार, 19 जनवरी 2014

pahyan chala diya

रमलू : डॉक्टर नै  कह्या  था  अक वो  दो 
हफ्तो मैं  मनै पाहयां चला  देगा।
कमलू -- अच्छा  के वो ऐसा कर पाया?
रमलू --: हा उसका बिल चुकाने की खातर
 मनै  अपनी मोटर साईकल  जो बेचनी पड़ी।

kachra

बस बहुत देर से स्टैण्ड में ही खडी थी, 
एक यात्री ने तंग आकै रमलू  बस ड्राइवर तैं  
कहया -- क्यों ड्रावर साहब ,यो  खटारा कद  चलाओगे  ?
रमलू - जब कचरा भर ज्यागा ।

dost

कमलू --तूँ  इस छोरे  नै  जानै  सै ?
रमलू --हां , क  दे  मैं इसकी  साथ सोया करता। 
कमलू --आच्छा ! कद  ? कित  ?
रमलू जब मैं स्कूल में पढूँ  था , साइंस की क्लास मैं  !

kutub minar

रमलू  नै  चैलेंज करया  अक वो  कुतुब मीनार नै  सिर पै  धर कै  मुंबई ले जा सकै  सै ।
इस पर सारी मीडिया वहां पहुंच गई।
फेर रमलू नै  मीडिया तैं कहया : बस कोए एक बै  कुतुब मीनार ठा कै  उसके सिर पै  धर दे।

bala tali

एक ट्रेन बहुत देर बाद चली।
मुस्लिम बोला: या अली बला टली। 
हिंदु बोला: जय बजरंग बली। 
रमलू  बोल्या : अरे अली और बली, ट्रेन   आपनी नहीं, साथ आली चलीं।

रविवार, 12 जनवरी 2014

chutkale

मास्टरजी : एक ऐसा वाक्य बनाओ जिसमें उर्दू, हिंदी, हरयाणवी ,पंजाबी और अंग्रेजी के शब्दों का सही-सही इस्तेमाल हुआ हो।
रमलू : सैड दे सी --- इश्क दी गाल  विच नो एंट्री।

रमलू पड़ौसन तैं  : तेरे खसम की मौत की सुनकै भोत दुःख हुआ । के मैं उसकी जागा  ले सकूं  सूँ ?
पड़ौसन : हां, जै  कब्रिस्तान आले राजी हों तो मनै  भला के  एतराज  सै !

रमलू  सोवै  था। उसने सपने में दख्या अक  उसके धोरै  एक बकरी सै । कोई उसे दो सौ रुपये में खरीदना चाहवै   है ,पर  वो  ढाई सौ पर अड़रया  है। 
इतने मैं रमलू  की नींद खुल गई। देख्या  , उड़ै  कोई बकरी नहीं सै । रमलू  नै सैड देसी  आंख बंद कर ली अर चिल्लाया: ठीक सै  साहब , आप दो सौ ए  दे दयो । 

शुक्रवार, 10 जनवरी 2014

jaldee konya


एक बर एक डाक्टर एक शराबी नै समझावै था 
डाक्टर बोल्या -- देखो भाई ये जो शराब होती है ये एक स्लो पॉयजन है । ये धीरे धीरे आदमी को मार देती है । 
शराबी बोल्या --- या तो और भी बढ़िया बात सै डॉक्टर , मनै कुणसी मरण की जल्दी पडी सै 


bandal peejyaga

----Rawan:-Beedi hai kya? Hanuman:- konya Ram:-Jhuth Q bol rahe ho.? ... Hanuman:- Prabhu aap chup rahiye saale ke 10 sir sae pura Bandal pee jaga..
रावण --बीड़ी सै के ?
हनुमान --कोन्या । 
राम -- झूठ क्यूँ बोल रह्या सै । 
हनुमान --प्रभु थाम चुप रहो । 
साले कै दस सिर सैं पूरा बण्डल 
पीज्यागा । 

कोनसे एग्जाम की

दादी नै भगवत गीता का पाठ  करतें देख कै रमलू अपनी 
माँ तैं बोल्या -- माँ दादी कोनसे एग्जाम की त्यारी करण  
लागरी सै ?
माँ --बेटा  रमलू या फाइनल की त्यारी  सै । 

ऐ बेबे तेरी भैंस नै भी


एक बर गाम मैं थानेदार आग्या ।  उसे दिन रमलू की भैंस किसे की जवार मैं बड़गी अर घणा नुक्सान कर दिया । जवार आले का उलहाना आया । तो रमलू के घरके बोले - थानेदार साहब इसनै भित्तर करण का  डर देकै भैंस के खोट मैं अर बयाह ताहिं त्यार करदयो ।  यो बयाह तेन घणा डरै सै । थानेदार नै फिट कर दी अपनी कारस्तानी अर बोल्या -- तेरी यहे सजा सै अक तनै शादी करनी पड़ैगी । रमलू नै डरते नै हाँ भरली । ब्याह मैं जब दुल्हन उसके बराबर मैं फेरां ताहिं बिठाई तो रमलू  बोल्या -- ऐ बेबे तेरी भैंस नै भी किसे की ज्वार खाली थी के ?

yaad

. रमलू  ----शाम – सबेरे तेरी घणी याद आवै है। सारी रात मन्नै जगावै है।
जी करै सै मेरा जाणू आधे घंटे ताहिं  करूं तन्नै कॉल।
… पर कस्टमर केयर की छोरी हर बार बैलंस लो बतावै है।

नाक तले की

नाक तले की  
एक बर रमलू  खेत मैं  रेडियो सुनै  था। रेडियो पै एक लुगाई बताण लाग री थी अक बंबई मै बाढ़ आगी, गुजरात मै हालण आग्या, दिल्ली मैं आप आगी । रमलू नै  देख्या पाछे नै  नाका टूट्या पड़्या सै , अर पाणी दूसरे के खेत मैं  जावण लाग रहया सै । रमलू  छोंह मैं आकै रेड़ियो कै दो लट्ठ मारकै बोल्या – दूर-दूर की बताण लाग री सै , नाक तलै नाका टूट्या पड़या सै , यो बतांदे होए तेरा मुँह दुक्खै  सै के ।

गुरुवार, 9 जनवरी 2014

पाछे नै लटक ले”

रमलू सवारी ढोण खातर नया टैम्पू ल्याया  । उसनै दिन-रात टैंम्पू ए टैंम्पू दीखण लाग-गे । एक रात नै  वो नींद मैं बोलण लाग-ग्या -- आ ज्याओ भाई आ ज्याओ, टैंपू चाल्लै सै, तोले से आ-ज्याओ।  या बात सुण कै उसकी बहू बोली-- “के बात हो-गी , आज न्यूं क्यूकर बोल्या ?” रमलू  नींद मैं ए बोल्या-- कड़े जावैगी बेबे ? या सारी बात रमलू  का बाबू भी सुणन लाग रहया था, वो बोल्या ---रै झकोई , के कहवे सै बहू नै ? रमलू -- नींद में-ऐं बोल्या--“ताऊ, घना ना बोलै ! तू पाछे नै लटक ले” !

kime ho nahin sakta

रमलू नै चोरी करण की कसूती आदत थी। एक दिन वो चोरी करता  पकड़या गया । थाणेदार सिपाही तैं  बोल्या –इसकै सौ जूत मार आप्पे ए सीधा हो ज्यागा । सिपाही उसती हवालात मैं  जूत मारण खातर लेग्या तो रलदू उसतैं  सौ का नोट दिखाकै बोल्या – किम्मे हो नी सकता । सिपाही सौ का नोट गोज मैं  घाल कै बोल्या – मैं भींत  कै जूत मारूँगा अर तूँ किलकी मारें  जाइये। रमलू नै एक सौ का नोट और जेब तै काढ्या अर बोल्या – ले किलकी बी तूँ ए मार लिए मन्नै जावण दे।

yad karna asan nahin



एक दिन जब रमलू की वा उसतैं  मिली तो बोली :
मंने याद करया करै  के ..?
रमलू  मन मन  मैं ---इब तनै  क्यूकर  बताऊँ अक  बावली याद करना  इतना आसान होता तो  मैं अपनी क्लास मैं टॉप ना कर  जाँता । 

बुधवार, 8 जनवरी 2014

बाल गिरने की फिक्र

बाल गिरने की फिक्र
 रमलू : यार मेरे बाल बहुत झड़ैं सैं । 
.कमलू  वो क्यों? 
रमलू : फिक्र सै ? 
कमलू : कौन सी फिक्र सै तनै ? 
रामलू : बाल गिरण  की फिक्र

बड़े बड़ेरे कहगे

बड़े बड़ेरे कहगे - 'लड़कियों की आधी जिंदगी पति की 'तलाश' में, और बाकी आधी... पति की 'तलाशी' में बीत ज्या  सै !'

कंजूस लड़के और लड़की का प्‍यार

कंजूस लड़के और लड़की का प्‍यार
एक बर एक कंजूस लड़के नै  एक कंजूस लड़की तैं  प्यार होज्या सै । लड़की---जब बाबू  घरां  नहीं होवैगा , तो मैं गली मैं सिक्का फेकूंगी। आवाज सुनकै  तूँ  सैड़  देसी  ऊपर आ जाईये । कुछ देर पाछै  लड़की नै  सिक्का फेंक्या , पर लड़का सिक्का फेंकने के एक घंटे पाछै  पहुंचा। लड़की-- इतनी वार  कित  ला  दी? लड़का--- मैं सिक्का ढूंढण  लाग्या ...