सोमवार, 3 जून 2013

धोखा होग्या

धोखा होग्या 
रमलू कमलू रोहतक मैं पढ्या करते । भरत कालोनी मैं रहया करते । एक दिन रमलू अपने  याड़ी कमलू तैं बोल्या ---यार कमलू आज तो मेरी गेल्याँ कसूता धोखा होग्या । कमलू ---इसी के बात होगी भाई ? रमलू बोल्या -- मनै मेरे मौजे लयावन खातर घर तैं  पीसे मंगवाए थे पर घर आलयाँ नै मौजे ए भेज दिए ।

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