दो औरत कई दिनों मैं फेटी ,दोनू पीहर जारी थी |
ए सरतो तनै अपने ढोलू का गूँठा चूसना क्युकर छुटवाया?
भरतो नै बूझ लिया |
सरतो बोली-- किमै हाँगा कोणी लाग्या |
उसकी निकर माडी सी ढीली सिमवा दी थी |
वो उसे के पकड़ के ठीक करण मैं लग्या रह था |
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें