सोमवार, 10 जून 2013

YA KE BAAT HUI

या  के बात हुई
रमलू  पढ़ाई मैं  रद्दी  था ।   आठवीं जमात मैं  चार बर फेल हो लिया तो एक दिन उसका पडौसी कमलू बोल्या -- रमलू तूँ चार बर फेल हो लिया एक जमात मैं । तेरी उम्र मैं तो मेरा बेटा धारे नौकरी लाग लिया था । रमलू बोल्या --कमलू  दूसरयां गेल्याँ तुलना नहीं करया करदे ,न्यूँ तो तेरी उम्र मैं मेरा ताऊ राम नै प्यारा हो लिया था ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें