या के बात हुई
रमलू पढ़ाई मैं रद्दी था । आठवीं जमात मैं चार बर फेल हो लिया तो एक दिन उसका पडौसी कमलू बोल्या -- रमलू तूँ चार बर फेल हो लिया एक जमात मैं । तेरी उम्र मैं तो मेरा बेटा धारे नौकरी लाग लिया था । रमलू बोल्या --कमलू दूसरयां गेल्याँ तुलना नहीं करया करदे ,न्यूँ तो तेरी उम्र मैं मेरा ताऊ राम नै प्यारा हो लिया था ।
रमलू पढ़ाई मैं रद्दी था । आठवीं जमात मैं चार बर फेल हो लिया तो एक दिन उसका पडौसी कमलू बोल्या -- रमलू तूँ चार बर फेल हो लिया एक जमात मैं । तेरी उम्र मैं तो मेरा बेटा धारे नौकरी लाग लिया था । रमलू बोल्या --कमलू दूसरयां गेल्याँ तुलना नहीं करया करदे ,न्यूँ तो तेरी उम्र मैं मेरा ताऊ राम नै प्यारा हो लिया था ।
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