सोमवार, 3 जून 2013

samachar

समाचार
रमलू  अपने खेत मैं पाणी लावण लाग रया था । रेडियो चला कै डोले पै धर राख्या था । रेडियों मैं एक औरत समाचार सुनावण लागरी थी अक दिल्ली मैं तूफ़ान आग्या अर कलकते मैं बाढ़ आगी । इतने मैं रमलू नै देख्या अक गैल सी नै बंधा टूट्या पड़या सै अर पाणी फुल्ले के खेत मैं जावण लाग रया सै । रमलू नै गुस्सा आग्या अर रेडियो कै ऊपर खींच कै कस्सी मारी आर नयों बोल्या -- झकोण इतनी दूर दूर की बतावान लागरी सै  यो गैल नै बंधा टूट्या पड़या इसकी बतान्दी हाण के तेरा मुंह दुखै था ।

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