शुक्रवार, 6 दिसंबर 2019

काम पर से थक हार कर रमलू घर आया, सोफे पर बैठ गया। धमलो ने पानी का गिलास दिया और बच्चे ने मार्कशीट सामने रखी।

हिंदी 44
अंग्रेजी 35
गणित 37 

आगे कुछ पढ़ने से पहले... "बेटा ! क्या मार्क है ये ? गधे, शर्म नहीं आती तुझे ? नालायक है तू नालायक..." 

धमलो : अरे आप सुनो तो? 

"तू चुप बैठ! तेरे लाड़ प्यार ने ही बिगाड़ा है इसे. नालायक,अरे बाप दिनभर मेहनत करता है और तू ऐसे मार्क लाता है।" 

लड़का चुपचाप गर्दन नीचे। 

"अरे सुनो... तो!" 

"तू चुप कर, एक शब्द भी मत बोल. आज इसको बताता हूँ।" 

"अरे!" 

धमलो की आवाज बढ़ गयी, रमलू थोडा रुक गया।" 

"सुन तो लो जरा!" 

"सुबह अलमारी साफ करते समय मिली आपकी ही मार्कशीट है वो..." 

भयानक सन्नाटा!

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