शुक्रवार, 6 दिसंबर 2019

सच्चाई
सगाई से पहल
रमलू : शुक्र है भगवान् का इस दिन का तो मैं कब से इंतज़ार कर रहा था।

धमलो : तो मैं जाऊं?

रमलू : नहीं बिल्कुल नहीं।

धमलो : क्या तुम मुझ से प्यार करते हो?

रमलू : हाँ करता था, करता हूँ और करता रहूँगा।

धमलो : कभी मेरे साथ धोखा करोगे?

रमलू : नहीं इस से अच्छा तो मैं मर जाऊं।

धमलो : क्या मुझे प्यार करोगे।

रमलू : हाँ-हाँ क्यों नहीं।

धमलो : तुम मुझे मारोगे?

रमलू : नहीं मैं ऐसा आदमी नहीं।

धमलो : क्या मैं तुम पर विश्वास कर सकती हूँ?

रमलू : हां।

धमलो : ओह प्रिये।

और शादी के बाद की कहानी 
जानने के लिए इसे नीचे से ऊपर पढ़ो।

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