सच्चाई
सगाई से पहल
रमलू : शुक्र है भगवान् का इस दिन का तो मैं कब से इंतज़ार कर रहा था।
धमलो : तो मैं जाऊं?
रमलू : नहीं बिल्कुल नहीं।
धमलो : क्या तुम मुझ से प्यार करते हो?
रमलू : हाँ करता था, करता हूँ और करता रहूँगा।
धमलो : कभी मेरे साथ धोखा करोगे?
रमलू : नहीं इस से अच्छा तो मैं मर जाऊं।
धमलो : क्या मुझे प्यार करोगे।
रमलू : हाँ-हाँ क्यों नहीं।
धमलो : तुम मुझे मारोगे?
रमलू : नहीं मैं ऐसा आदमी नहीं।
धमलो : क्या मैं तुम पर विश्वास कर सकती हूँ?
रमलू : हां।
धमलो : ओह प्रिये।
और शादी के बाद की कहानी
जानने के लिए इसे नीचे से ऊपर पढ़ो।
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