रविवार, 8 दिसंबर 2019

शादी ए ना हुई

रमलू – यार कल रात घर देर तैं पहुँचया--

बैल बजाई पर बीवी नै गुस्से में दरवाजा कोणी खोल्या--

-पूरी रात सड़क पै गुजार दी

कमलू – फिर तड़कै बीवी नै दरवाजा खोल्या अक  नहीं ?

रमलू – नहीं यार, सबेरे दारू उतरी तो याद आया अक,

इबै तो मेरी शादी ए ना हुई सै।।
अर चाबी तो मेरी गौज मैं  ए थी ।।

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