शुक्रवार, 6 दिसंबर 2019

90 वर्षीय रमलू के बाबू  की दस करोड़ की लाटरी लग गई। इतनी बड़ी खबर सुनकर कहीं बाबू खुशी से मर न जाए, यह सोचकर रमलू और धमलो  ने उन्हें तुरंत जानकारी नहीं दी।  तय किया कि पहले एक डॉक्टर को बुलवाया जाए फिर उसकी मौजूदगी में उन्हें यह समाचार दिया जाए ताकि दिल का दौरा पड़ने की हालत में वह स्थिति को संभाल सके।

शहर के जानेमाने दिल के डॉक्टर से संपर्क किया रमलू ने।

डॉक्टर साहब ने रमलू और धमलो को आश्वस्त किया और कहा, "आप लोग चिंता ना करें, बाबूजी को यह समाचार मैं खुद दूंगा और उन्हें कुछ नहीं होगा, यह मेरी गारंटी है।"

डॉक्टर साहब बाबूजी के पास गए कुछ देर इधर उधर की बातें कीं फिर बोले, "बाबूजी, मैं आपको एक शुभ समाचार देना चाहता हूं। आपके नाम दस करोड़ की लाटरी निकली हैं।"

बाबूजी बोले, "अच्छा! लेकिन मैं इस उम्र में इतने पैसों का क्या करूंगा पर अब तूने यह खबर सुनाई है तो जा, आधी रकम मैंने तुझे दी।" 

यह सुन डॉक्टर साहब धम् से जमीन पर गिरे और उनके प्राण पखेरू उड़ गए।

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