शुक्रवार, 6 दिसंबर 2019

रमलू डॉक्टर
रमलू डॉक्टर नै नया-नया क्लिनिक खोल्या तो बाहर बोर्ड टाँग दिया, जिसपे लिखा था, "किसी भी बीमारी का इलाज़ मात्र 300/- रुपये में और अगर हम आपका इलाज़ नहीं कर पाये तो हम आपको 1000/- रुपये देंगे।" 

यह बोर्ड पढ़कर एक दिन बीरू के मन में ख्याल आया कि क्यों न कोई चालाकी की जाये और 1000/- रुपये कमाये जाएँ। इसी सोच के साथ आदमी रमलू डॉक्टर के पास पहुँच गया। 

रमलू : आईये बैठिये, बताइये क्या तक़लीफ है आपको? 

बीरू: डॉक्टर साहब, मैं अपना स्वाद खो चुका हूँ। कुछ भी खाता या पीता हूँ तो स्वाद का पता ही नहीं चलता।

रमलू ने पूरी बात सुनी और नर्स से कहा कि 22 नंबर वाली बोतल में से कुछ बूंदे इनकी जीभ पर डाल दो।

नर्स से जैसे ही बूंदे बीरू की जीभ पर डाली, आदमी एक दम से चिल्लाया, "यह तो पेशाब है।" 

रमलू : मुबारक हो आपका स्वाद वापस आ गया। 
बीरू बहुत शर्मिंदा हुआ और उसे 300/- रूपये भी गंवाने पड़े। 

कुछ दिनों बाद वो फिर से रमलू के पास अपना हिसाब बराबर करने पहुँच गया। 

रमलू: जी अब क्या तकलीफ हो गयी। 

बीरू: डॉक्टर साहब, मैं अपनी यादाश्त कमज़ोर हो गयी है। 

रमलू ने नर्स से कहा कि 22 नंबर वाली बोतल में से दवाई निकाल कर इनको दो। 

यह सुन कर बीरू तुरंत बोला, "डॉक्टर साहब वो दवाई तो स्वाद वापस लाने के लिए है न।" 

रमलू: मुबारक हो आपकी यादाश्त भी वापस आ गयी है।

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